बवाल: विश्व आदिवासी दिवस के जुलूस में बवाल, यातायात व्यवस्था को लेकर बंदोबस्त पर तैनात पीएसआई पर हमला

विश्व आदिवासी दिवस के जुलूस में बवाल, यातायात व्यवस्था को लेकर बंदोबस्त पर तैनात पीएसआई पर हमला
  • यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस और जुलूस में शामिल युवकों के बीच हुआ विवाद
  • भीड़ से बचने के लिए पीएसआई नवघरे को घर में छिपना पड़ा, अस्पताल में भर्ती
  • सीसीटीवी, ड्रोन फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के जरिए आरोपियों की तलाश

Akola News. बार्शीटाकली तहसील के महान में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ। पुलिस और जुलूस में शामिल कुछ युवकों के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। गुस्साई भीड़ ने बंदोबस्त पर तैनात पिंजर पुलिस स्टेशन के पीएसआई अभिषेक नवघरे के साथ मारपीट की। भीड़ से बचने के लिए नवघरे को घटनास्थल से भागकर एक घर में छिपना पड़ा। इस घटना में घायल नवघरे को उपचार के लिए अकोला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत भारी पुलिस बल महान पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

यातायात व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को झोड़गा और वस्तापुर से महान बस स्टैंड तक डीजे के साथ जुलूस निकाला गया था। जुलूस में महान क्षेत्र के बड़ी संख्या में आदिवासी पुरुष और महिलाएं शामिल हुए थे।

दोपहर करीब 2 बजे जुलूस महान स्थित स्टेट बैंक के सामने मुख्य सड़क पर पहुंचा। इस दौरान बंदोबस्त पर तैनात पिंजर पुलिस स्टेशन के उपनिरीक्षक अभिषेक नवघरे और एक महिला पुलिसकर्मी ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस में शामिल कुछ युवकों को सड़क के किनारे रहने के लिए कहा। इसी बात को लेकर कुछ युवकों की नवघरे के साथ बहस हो गई।

देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, करीब 200 से 250 युवकों की भीड़ ने पीएसआई नवघरे को घेर लिया। भीड़ से बचने के लिए नवघरे वहां से भागे तो कुछ युवकों ने उनका पीछा किया। उन्होंने एक घर में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के भी भीड़ के बीच फंसने की जानकारी सामने आई है।

एक घंटे तक बनी रही तनावपूर्ण स्थिति

घटना के बाद महान बस स्टैंड से स्टेट बैंक के बीच करीब एक घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अचानक हुए विवाद और भीड़ के आक्रामक होने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए आधे से अधिक दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।

घटना की सूचना मिलते ही मूर्तिजापुर की एसडीपीओ वैष्णवी मुले, अकोला से आरसीपी प्लाटून की एक टुकड़ी, बार्शीटाकली पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी प्रवीण धुमाल, पीएसआई सुभाष पारधी, बोरगांव मंजू पुलिस का स्टाफ तथा पिंजर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी गजानन राठोड़ अपने दल के साथ महान पहुंचे। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

सीसीटीवी, ड्रोन और सोशल मीडिया वीडियो खंगाले जा रहे

जुलूस समाप्त होने के बाद पुलिस ने हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरे से बनाए गए फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की भी जांच की जा रही है।

खबर लिखे जाने तक वस्तापुर की तीन महिलाओं समेत चार-पांच लोगों तथा अखिल भारतीय आदिवासी विकास विद्यार्थी परिषद के एक पदाधिकारी को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बाहर से आए लोगों के शामिल होने की चर्चा

घटना के बाद महान में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया है। पुलिस की मौजूदगी के बाद नागरिकों ने राहत की सांस ली। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि घटना में शामिल अधिकांश लोग महान गांव के नहीं थे, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जुलूस में शामिल होने के लिए आए थे। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस द्वारा घटना से जुड़े वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

Created On :   9 Aug 2026 9:13 PM IST

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