मानसून ने रफ्तार पकड़ी: झमाझम बारिश, वार्षिक औसत का 50.64 प्रतिशत वर्षा दर्ज, संग्रामपुर में सबसे अधिक, लोणार में सबसे कम बारिश

झमाझम बारिश, वार्षिक औसत का 50.64 प्रतिशत वर्षा दर्ज, संग्रामपुर में सबसे अधिक, लोणार में सबसे कम बारिश
  • कम बारिश के बाद जुलाई के अंतिम दिनों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली
  • 31 जुलाई को जिले में औसतन 125.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई

Buldana News. जून महीने में कम बारिश के बाद जुलाई के अंतिम दिनों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। 31 जुलाई तक बुलढाणा जिले में औसतन 385.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो वार्षिक औसत वर्षा का 50.64 प्रतिशत है। इससे पेयजल संकट और खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता काफी हद तक कम हुई है।

जिला प्रशासन की दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार जलगांव (जामोद) तहसील में सबसे अधिक 508.6 मिमी, यानी वार्षिक औसत का 71.93 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई। वहीं, लोणार तहसील में केवल 347.1 मिमी, यानी 39.78 प्रतिशत वर्षा हुई, जो जिले में सबसे कम है।

31 जुलाई को जिले में औसतन 125.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसमें जलगांव (जामोद) में 207.4 मिमी तथा नांदूरा में 174.8 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं तथा बांधों और लघु सिंचाई परियोजनाओं में जलसंचय बढ़ा है।

जुलाई के अंत में हुई इस अच्छी बारिश से सोयाबीन, कपास, तुअर और मक्का जैसी खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिला है। जून में कम वर्षा के कारण किसानों में चिंता थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी है और फसलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में विदर्भ क्षेत्र में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई है। इससे जिले के बांधों, तालाबों और अन्य जलाशयों में जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो खरीफ फसलों के साथ-साथ पेयजल उपलब्धता भी मजबूत होगी।

वार्षिक औसत वर्षा (मिमी)

बुलढाणा – 860, चिखली – 785, देऊलगांव राजा – 704, सिंदखेड़राजा – 801, लोणार – 872, मेहकर – 838, खामगांव – 716, शेगांव – 682, मलकापुर – 705, नांदूरा – 746, मोताला – 712, संग्रामपुर – 767 तथा जलगांव (जामोद) – 707 मिमी।

Created On :   31 July 2026 9:30 PM IST

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