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Amravati News: नागपुर में चार्जिंग पर लगी डेढ़ करोड़ की ई-बस चुराने वाला अमरावती में धराया

Amravati News नागपुर के इमामवाड़ा बस डिपो से चार्जिंग पर खड़ी महाराष्ट्र राज्य परिवहन की शिवाई ई-बस चोरी कर फरार हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के एक सदस्य को राजापेठ पुलिस ने गुरुवार सुबह अमरावती से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई ई-बस भी बरामद कर ली गई। पूछताछ में आरोपी ने तेलंगाना, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में बस चोरी की कई सनसनीखेज वारदातों का खुलासा किया है।
अनेक राज्यों में वाहन चाेरी के मामले दर्ज : गिरफ्तार आरोपी की पहचान विष्णु गणपति निलावर (23), निवासी हैतनगर, रंगारेड्डी (तेलंगाना) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अब तक 20 बसें चोरी करने की बात स्वीकार की है। उसने यह भी कबूला कि नांदेड बस डिपो से भी एक बस चोरी की थी। आरोपी के खिलाफ नांदेड के वजीराबाद तथा आंध्र प्रदेश के तिरुमाला सीसीएस पुलिस थाने में भी वाहन चोरी के मामले दर्ज हैं।
सूचना मिली और तुरंत बिछाया जाल : राजापेठ पुलिस थाने के बीट मार्शल सारंग आदमने और पुलिस सिपाही विजय धुर्वे को गुप्त सूचना मिली कि नागपुर से चोरी हुई शिवाई ई-बस (एमएच-49-बीजेेड-8258) राजापेठ के नंदा मार्केट क्षेत्र में खड़ी है, जबकि बस चुराने वाला आरोपी गद्रे चौक के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया और चोरी की बस भी बरामद कर ली। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त श्याम घुगे तथा सहायक पुलिस आयुक्त संजय खताले के मार्गदर्शन में राजापेठ थाना प्रभारी संदीप चव्हाण और उमेश मुंडे के नेतृत्व में एपीआई नितिन शिंदे सहित राजापेठ पुलिस की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।
अंतरराज्यीय गिरोह के नेटवर्क की जांच शुरू : पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी संगठित अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का सक्रिय सदस्य है, जो विभिन्न राज्यों में सरकारी और निजी बसों को निशाना बनाकर उनके महंगे पुर्जों की तस्करी करता है। अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के पुर्जों की खरीद-फरोख्त और पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
नागपुर पुलिस को सौंपा गया आरोपी : कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद राजापेठ पुलिस ने आरोपी विष्णु निलावर और बरामद ई-बस को आगे की जांच के लिए नागपुर के गणेशपेठ पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
चुराने के बाद नई बस को बना देते थे कबाड़ : पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गिरोह 1 जुलाई की रात करीब एक बजे इमामवाड़ा डिपो से चार्जिंग पर लगी ई-बस चुराकर ले गया था। इसके बाद बस की महंगी लिथियम बैटरी, टायर, डिस्क और अन्य कीमती पुर्जे निकालकर अलग-अलग बेच दिए जाते थे। शेष बस को सुनसान स्थान पर लावारिस हालत में छोड़ दिया जाता था। पुलिस के अनुसार शिवाई ई-बस की कीमत करीब 1 करोड़ 53 लाख रुपये है, जिससे गिरोह करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहा था।
Created On :   3 July 2026 11:33 AM IST















