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Amravati News: प्रशासक काल में 300 करोड़ का घोटाला, रिटायर्ड जज करेंगे जांच

Amravati News अमरावती महानगरपालिका की आमसभा में सोमवार को प्रशासक काल के दौरान हुए कथित 300 करोड़ रुपये के घोटाले का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष के नेता विलास इंगोले ने तत्कालीन निगमायुक्त डॉ. प्रवीण आष्टीकर के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
इंगोले ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023-24 के दौरान एक ही दिन में कई सभाएं आयोजित कर एक ही काम के नाम पर दो-दो बार बिल निकाले गए। साथ ही जलसंपदा विभाग के जीओ टैग सिस्टम का दुरुपयोग कर मनपा के कामों में भी इसका इस्तेमाल किया गया, जिससे करोड़ों रुपये की हेराफेरी हुई। उन्होंने कहा कि शहरवासियों के पैसों की लूट को देखते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की जानी चाहिए, जिसमें तकनीकी मूल्यांकन के लिए सेवानिवृत्त अभियंता को भी शामिल किया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर श्रीचंद तेजवानी ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही, तकनीकी जांच के लिए समिति में सेवानिवृत्त अभियंता को भी शामिल करने की घोषणा की गई। जांच के आदेश के बाद मनपा के कई अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
चर्चा के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा किए गए कार्यों को मनपा के नाम पर दिखाकर डबल बिलिंग की गई। यहां तक कि कुछ ऐसे मार्गों के नाम पर भी भुगतान दर्शाया गया, जो अस्तित्व में ही नहीं हैं। जीओ टैग प्रणाली का उपयोग कर कार्यों को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
Created On :   21 April 2026 2:56 PM IST















