अनूपपुर न्यूज: 96 मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर रखने का खुलासा,

चार स्थानों पर दबिश

डिजिटल डेस्क अनूपपुर। थाना जैतहरी पुलिस ने ग्राम लपटा चौधरी टोला में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 96 मवेशियों को बरामद किया है। पुलिस के अनुसार मवेशियों को पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध कराए बिना रस्सियों से गर्दन, सींग और पैरों में बांधकर क्रूरता पूर्वक रखा गया था। मौके पर इन्हें वाहनों में लोड कर बाहर भेजने की तैयारी भी सामने आई। मामले में पुलिस ने चार अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुखबिर से सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के निर्देशन में पुलिस लाइन अनूपपुर, थाना जैतहरी तथा पुलिस सहायता केंद्र वेंकटनगर के बल की चार टीमें गठित कर लपटा गांव में दबिश दी गई।

पहली टीम ने संजय चौधरी के बाड़े से 12 भैंस और 2 भैंसा सहित 14 मवेशी बरामद किए। मौके पर महिंद्रा पिकअप क्रमांक MP-18-ZF-8176 भी मिला, जिसमें मवेशियों को लोड करने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने अतुल कुमार चौधरी को मवेशी को डंडे से मारकर वाहन में चढ़ाने का प्रयास करते हुए पकड़ा। पूछताछ में उसने मवेशियों को फिरोज उर्फ सोनू एवं कादिर अफजल का बताया।

दूसरी टीम ने मोहित चौधरी के बाड़े से 9 भैंसा और 18 भैंस सहित 27 मवेशी बरामद किए। यहां मिले तीर्थशयन सिंह ने पुलिस को बताया कि वह मवेशियों को लोड करने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था।

तीसरी टीम ने दादूराम चौधरी के बाड़े से 14 भैंसा और 6 भैंस सहित 20 मवेशी बरामद किए। मौके पर मिले संजय गुप्ता ने भी मवेशियों को लोड करने के लिए वाहन आने का इंतजार करने की जानकारी दी।

चौथी टीम ने उदल चौधरी के बाड़े से 20 भैंस और 15 भैंसा सहित 35 मवेशी बरामद किए। मौके पर मिले काशीराम चौधरी ने भी मवेशियों को बाहर भेजने के लिए वाहन का इंतजार करने की जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार चारों स्थानों पर मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था नहीं थी और उन्हें कीचड़ में बांधकर रखा गया था। पुलिस ने सभी मवेशियों को विधिवत जब्त कर ग्राम लपटा गौशाला में सुरक्षार्थ रखवाया तथा उनका मेडिकल परीक्षण कराया। मौके से जब्त पिकअप वाहन को थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है।

पुलिस ने मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर रखने और चारा-पानी की उचित व्यवस्था नहीं करने के मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ), (ङ) तथा मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चार अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस मामले में मवेशियों के स्वामित्व और उन्हें बाहर भेजने की तैयारी से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।


Created On :   26 Aug 2026 7:10 PM IST

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