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Bada Malhera: कलेक्टर ने खजुराहो स्वास्थ्य केन्द्र एवं ललगुवां स्कूल का निरीक्षण किया

डिजिटल डेस्क,बड़ामल्हेरा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान अंतर्गत कलेक्टर मृणाल मीना ने शुक्रवार को खजुराहो स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं ग्राम ललगुवां स्थित शासकीय माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी पीके रैकवार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खजुराहो में आरकेएसके अंतर्गत संचालित उमंग स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर किशोरी बालिकाओं एवं बालकों के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा इसका लाभ ग्रामों के साथ-साथ स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए।
दवाइयों की उपलब्धता एवं ब्लड जांच बढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्र में गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव की स्थिति की समीक्षा की। प्रसव संख्या कम पाए जाने पर उन्होंने बीएमओ को संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं से सतत संपर्क कर उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध अल्ट्रासाउण्ड सोनोग्राफी मशीन का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने तथा मरीजों की जांच संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिन दवाइयों की कमी है, उनकी मांग भेजकर समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल की ओपीडी, मरीज भर्ती वार्ड, पैथालॉजी कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
शिक्षक प्रचार एवं बीआरसी को किया सचेत, एफएलएन में सुधार करें
कलेक्टर ने शासकीय माध्यमिक शाला ललगुवां के निरीक्षण के दौरान कक्षा तीसरी में पहुंचकर छात्रा मोनिका से हिन्दी की किताब पढ़वाई। इसके बाद उन्होंने छात्रा जानवी से ब्लैक बोर्ड पर जोड़-घटाना का प्रश्न हल कराया। दोनों छात्राओं द्वारा प्रश्नों का सही उत्तर दिए जाने पर कलेक्टर ने उनकी शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली।
कलेक्टर ने कहा कि सभी बच्चों को एफएलएन शिक्षा के निर्धारित बुनियादी ज्ञान एवं कौशल में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय के एफएलएन शिक्षक, प्राचार्य एवं बीआरसीसी को निर्देशित किया कि एफएलएन शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए बच्चों की शैक्षणिक दक्षता में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। यदि पैरेंट्स द्वारा बच्चों को नियमित रूप से स्कूल नहीं भेजा जा रहा है, तो शिक्षकों द्वारा पैरेंट्स से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय से जोड़ते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
Created On :   25 Sept 2026 7:43 PM IST












