मराठा आंदोलन: जरांगे पाटिल को सरकार ने दिया तीन महीने का समय, भूख-हड़ताल स्थगित, लेकिन जारी रहेगा आंदोलन

जरांगे पाटिल को सरकार ने दिया तीन महीने का समय, भूख-हड़ताल स्थगित, लेकिन जारी रहेगा आंदोलन
  • 58 लाख रिकॉर्ड में से एक भी कम नहीं होना चाहिए
  • हैदराबाद गजट सहित कई मांगें

डिजिटल डेस्क, बीड। जालना के अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर रवाना हुए मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल से मुलाकात के लिए सरकार का प्रतिनिधिमंडल पाटोदा पहुंचा। इसमें मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, मंत्री दादा भुसे, विधायक प्रसाद लाड, विधायक सुरेश धस और बीड के जिलाधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे पाटिल के साथ विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा की।

17 सितंबर को सुबह 6 बजे हुई पत्रकार परिषद में मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार को तीन महीने का समय देते हुए अपनी भूख-हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “तीन महीने के भीतर सातारा गजट लागू करें। सरकार ने धोखा दिया तो हम मुंबई पहुंचेंगे।” जरांगे पाटिल ने स्पष्ट किया कि भूख-हड़ताल स्थगित की जा रही है, किंतु मराठा आरक्षण का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुंबई की ओर गए करीब 1 लाख 7 हजार समर्थकों से वापस लौटने की अपील भी की।

58 लाख रिकॉर्ड में से एक भी कम नहीं होना चाहिए

मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि मराठा-कुणबी रिकॉर्ड की 58 लाख प्रविष्टियां मिली हैं। इनमें से एक भी कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से इन रिकॉर्ड को कम नहीं किए जाने की लिखित गारंटी देने की मांग की। रिकॉर्ड खोजने के लिए समाज की ओर से लोगों को उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही।

सातारा गजट को लेकर करीब 1100 पन्नों की रिपोर्ट है। इसका अध्ययन करने के लिए 3 से 4 महीने का समय आवश्यक है, ऐसा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा। हैदराबाद गजट को लेकर याचिका फिलहाल अदालत में लंबित है। उसके जीआर पर स्थगन न आए, इसके लिए सरकार आवश्यक सावधानी बरतेगी, ऐसा भी उन्होंने बताया।

हैदराबाद गजट सहित कई मांगें

जरांगे पाटिल ने हैदराबाद गजट के अनुसार कुणबी प्रमाणपत्र और वैधता देने तथा हैदराबाद गजट के जीआर में संशोधन करने की मांग की। इसके साथ ही सातारा, कोल्हापुर, पुणे और औंध गजटियर लागू करने की मांग भी उन्होंने रखी।

उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने हिंदू वाणी, हिंदू वैश्य और वैश्य वाणी को एक ही जाति मानने का जीआर जारी किया है, उसी तरह मराठा-कुणबी एक होने का जीआर भी जारी किया जाए।

जरांगे पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उनके दुश्मन नहीं हैं, लेकिन यदि सामने से हमला हुआ तो वे भी जवाब देंगे। उन्होंने कुणबी रिकॉर्ड खोजने के लिए अच्छे अधिकारियों की नियुक्ति करने की मांग की।

जरांगे पाटिल ने कहा कि “आंदोलन सफल हुए बिना नहीं रुकेगा। सरकार आश्वासन दे, फिर भी आंदोलन जारी रहेगा।” उन्होंने सरकार को सातारा गजट लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया है

Created On :   17 Sept 2026 7:24 PM IST

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