उपचार: मनोज जरांगे पाटील की तबीयत बिगड़ी, पाटोदा में इलाज जारी, डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह

मनोज जरांगे पाटील की तबीयत बिगड़ी, पाटोदा में इलाज जारी, डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह
  • मुंबई के आगे के सफर पर फिलहाल अनिश्चितता
  • डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह

डिजिटल डेस्क, बीड।मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की तबीयत में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बुधवार रात बीड जिले के आष्टी में सभा को संबोधित करने के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। अत्यधिक कमजोरी के कारण उन्हें खड़े होने और हाथ-पैर हिलाने में भी परेशानी हो रही थी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है।

जरांगे पाटील फिलहाल पाटोदा शहर स्थित विठ्ठल मंदिर के भक्त निवास में रुके हुए हैं। यहां उन्हें सलाइन लगाई गई है और उपचार शुरू कर दिया गया है। जिला शल्य चिकित्सक के नेतृत्व में मेडिकल टीम भी पाटोदा पहुंची और उनकी स्वास्थ्य जांच की। कमजोरी के चलते उन्होंने फिलहाल किसी से मुलाकात नहीं की है।

बताया गया कि अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर रवाना होने के बाद जरांगे पाटील ने 12 सितंबर से सलाइन लेना बंद कर दिया था। इसके बाद उनकी तबीयत पर असर पड़ा और कमजोरी बढ़ती गई। बुधवार रात करीब दो बजे वे बीड जिले के आष्टी पहुंचे थे। यहां बड़ी संख्या में मौजूद समाजबंधुओं को उन्होंने संबोधित किया। सभा के बाद उनकी तबीयत अचानक अधिक बिगड़ गई।

इसके बाद नारायणगढ़ के ह.भ.प. शिवाजी महाराज और लक्ष्मण महाराज मेंगडे ने उनसे उपचार कराने और पाटोदा में रुककर आराम करने का अनुरोध किया। दोनों महाराज इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। समाजबंधुओं ने भी जरांगे पाटील से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आराम करने की अपील की।

डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जरांगे पाटील फिलहाल पाटोदा में ही आराम कर रहे हैं। ऐसे में मुंबई की ओर उनके आगे के सफर को लेकर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है। पाटोदा परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बंदोबस्त भी तैनात किया गया है। उनकी तबीयत को लेकर समर्थकों और आंदोलनकारियों में चिंता बनी हुई है।

‘मुझे मुंबई जाकर मरने दो’, भावुक हुए जरांगे पाटील

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई की ओर कूच कर रहे मनोज जरांगे पाटील पाटोदा में आयोजित सभा के दौरान बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मुझे मुंबई जाकर मरने दो।” उन्होंने आरक्षण की लड़ाई के लिए अपने प्राणों की आहुति देने तक की बात कही।

अपनी तबीयत का जिक्र करते हुए जरांगे पाटील ने कहा, “अगर रोज मेरी ऐसी हालत रही तो मैं आठ दिन में मर जाऊंगा।” इसके बावजूद उन्होंने आरक्षण को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही। समाज के बच्चों के भविष्य के लिए बलिदान देने की तैयारी जताते हुए वे भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

सभा के दौरान जरांगे पाटील ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गोली मारकर हत्या करने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पाटोदा में बड़ी संख्या में मराठा समाजबंधुओं के पहुंचने पर जरांगे पाटील ने भीड़ को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने समर्थकों से अपनी तबीयत और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए संयम बरतने की अपील की

Created On :   16 Sept 2026 6:19 PM IST

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