मचा हड़कंप: राख बिक्री के आदेशों पर अमल नहीं, महिलाओं का आत्मदाह का प्रयास, मुख्य अभियंता कार्यालय के सामने आंदोलन

राख बिक्री के आदेशों पर अमल नहीं, महिलाओं का आत्मदाह का प्रयास, मुख्य अभियंता कार्यालय के सामने आंदोलन
  • पारली औष्णिक विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता कार्यालय के सामने आंदोलन
  • 9 सितंबर को जारी हुए थे बिक्री और अनुमति संबंधी आदेश
  • पुलिस के हस्तक्षेप से टला बड़ा हादसा

डिजिटल डेस्क, बीड। परली वैजनाथ स्थित औष्णिक विद्युत केंद्र में राख बिक्री के आदेशों पर अमल नहीं होने से नाराज पिछड़े वर्ग की महिलाओं ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को मुख्य अभियंता कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर महिलाओं को रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

महिलाओं के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (महाजेनको) के परली औष्णिक विद्युत केंद्र की ओर से उनके नाम पर राख बिक्री के सेल ऑर्डर क्रमांक 05211 और 05212 जारी किए गए थे। इसके साथ ही संबंधित अनुमति आदेश भी 9 सितंबर 2026 को जारी किए गए थे। महिलाओं का आरोप है कि आदेशों को मंजूरी मिलने के बावजूद उन पर अमल नहीं किया जा रहा है। इसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न करने का आरोप

महिलाओं ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि राख बिक्री के आदेशों को लागू करने में जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। उन्होंने इस मामले में जातिगत भेदभाव की आशंका भी जताई है। महिलाओं ने वरिष्ठ स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

आदेशों पर तत्काल अमल करने की मांग

महिलाओं की मांग है कि राख बिक्री के आदेशों के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं के कारण लिखित रूप में बताए जाएं। साथ ही, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और संबंधित आदेशों पर तत्काल अमल किया जाए।

महिलाओं का कहना है कि इससे पहले भी उन्होंने आंदोलन और अनशन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था। इसके बावजूद समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसी के तहत मंगलवार को उन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस के समय पर हस्तक्षेप से संभावित अनहोनी टल गई।

प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें

आदेश जारी होने और अनुमति मिलने के बावजूद राख बिक्री की प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ी, यह सवाल उठ रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और महिलाओं की शिकायतों का समाधान कब तक होता है। इस बीच, महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर परली औष्णिक विद्युत केंद्र की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

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