मानव तस्करी का खुलासा: पांच साल से लापता बच्ची को एक लाख रुपए में बेचा, फिर मुंबई में बेचने की थी योजना, बाल विवाह का भी आरोप

पांच साल से लापता बच्ची को एक लाख रुपए में बेचा, फिर मुंबई में बेचने की थी योजना, बाल विवाह का भी आरोप
  • दो महिलाओं और दो पुरुषों की संलिप्तता उजागर
  • छत्रपति संभाजीनगर की महिला ने गेवराई के युवक को बेचा
  • मुंबई में पांच लाख रुपये में बेचने की थी योजना

डिजिटल डेस्क, बीड. पांच साल बाद नाबालिग बच्ची के अपहरण का मामला सुलझ गया। शिवाजीनगर थाने में वर्ष 2021 में मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद अब जाकर 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के अपहरण के मामले को सुलझाने में अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष की टीम को सफलता मिली है। लापता बच्ची का पता लगाकर पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लिया है। जांच में सामने आया कि एक महिला ने बच्ची को मुंबई में पांच लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई थी, लेकिन सौदा रद्द हो गया। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर की एक महिला ने उसे गेवराई तहसील के गोविंदवाड़ी निवासी युवक को एक लाख रुपये में बेच दिया था। इस मामले में दो महिलाओं और दो पुरुषों की संलिप्तता सामने आई है।

कई बार जांच के बावजूद नहीं मिला सुराग

पुलिस के अनुसार, शिवाजीनगर पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 455/2021 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 363 में अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। बाद में जांच अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष को सौंपी गई। कई जांच अधिकारियों ने बच्ची की तलाश की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

सहायक पुलिस निरीक्षक ने नए सिरे से शुरू की जांच

सहायक पुलिस निरीक्षक जनाबाई सांगले ने मामले की फाइल का शुरू से अवलोकन कर जांच आगे बढ़ाई। उन्होंने शिकायतकर्ता और गवाहों से पूछताछ की तथा बीड सहित राज्य के विभिन्न जिलों में तलाश अभियान चलाया। कई संदिग्धों से पूछताछ के बावजूद बच्ची का पता नहीं चल सका।

गुप्त सूचना पर गोविंदवाड़ी में छापा

बच्ची की बिक्री किए जाने का संदेह होने पर पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया। जांच के दौरान जानकारी मिली कि बच्ची और आरोपी गेवराई तहसील के गोविंदवाड़ी में रह रहे हैं। इस आधार पर 17 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने वहां छापा मारकर बच्ची और आरोपी को हिरासत में लिया तथा शिवाजीनगर पुलिस थाने पहुंचाया।

पूछताछ में बाल विवाह का भी खुलासा

बच्ची के बयान के अनुसार, एक महिला ने उसे मुंबई में पांच लाख रुपये में बेचने का सौदा तय किया था, लेकिन यह रद्द हो गया। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर की महिला ने एक लाख रुपये लेकर उसे गोविंदवाड़ी के युवक को बेच दिया। जांच में यह भी सामने आया कि करीब तीन साल पहले पैठण के एक मठ में बच्ची का बाल विवाह कराया गया था।

मामले में दो महिलाओं और दो पुरुषों को हिरासत में लिया गया है। बच्ची को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शिवाजीनगर पुलिस थाने में पेश किया गया।

Created On :   19 Oct 2026 1:58 PM IST

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