Beed News: दिवाली से पहले किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा

दिवाली से पहले किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा
  • बीड में 7.42 लाख हेक्टेयर की फसलें प्रभावित, सोयाबीन उत्पादन में भारी गिरावट
  • बांधों में केवल 14.61% उपयोगी जल भंडार, चारा 47 दिन के लिए पर्याप्त
  • फसल कटाई प्रयोग समय पर पूरे करने और किसानों को सहायता देने के केंद्र सरकार के निर्देश

Beed News सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले फसल नुकसान का मुआवजा मिल सके, इसके लिए फसल कटाई प्रयोग समय पर पूरे कर नुकसान का सटीक आकलन किया जाए। यह निर्देश केंद्रीय अंतरमंत्रालयीन दल के प्रमुख एवं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव मुक्तानंद अग्रवाल ने दिए। बीड में सूखे की स्थिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, पशुओं के चारे और रोजगार के लिए प्रभावी नियोजन करने पर भी जोर दिया।

जिले में जून से सितंबर के दौरान केवल 356 मिलीमीटर बारिश हुई, जो औसत वर्षा का 62.89% है। खरीफ सीजन में 7,87,218 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई थी, जिसमें से 7,42,163 हेक्टेयर की फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे 1,353 गांवों के करीब 8,22,360 किसान प्रभावित हुए हैं।

सोयाबीन उत्पादन में भारी गिरावट : पिछले 5 वर्षों में सोयाबीन का औसत उत्पादन 1,534.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रहा, जबकि इस वर्ष प्रारंभिक फसल कटाई प्रयोगों में यह घटकर 410 किलोग्राम रह गया है। 8 अक्टूबर तक निर्धारित 3,132 फसल कटाई प्रयोगों में से केवल 957 पूरे हुए थे। अग्रवाल ने लंबित प्रयोग दिवाली से पहले पूरे करने और आंकड़ों का सत्यापन करने के निर्देश दिए।

पानी और चारे का संकट : जिले की 164 जल परियोजनाओं में उपयोगी जल भंडार केवल 14.61% है। भूजल स्तर में औसतन 4.55 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, पशुओं के लिए उपलब्ध चारा औसतन 47 दिन तक पर्याप्त रहने का अनुमान है। शिरूर कासार में यह केवल 8 दिन और गेवराई में 19.6 दिन के लिए पर्याप्त है।

बैठक में जिलाधिकारी विवेक जॉन्सन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। अग्रवाल ने फसल बीमा, मुआवजा वितरण, टैंकरों से जलापूर्ति और रोजगार गारंटी के कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि सूखा प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों को समय पर राहत मिल सके।


Created On :   10 Oct 2026 5:42 PM IST

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