बीड जिला: गहराया जलसंकट, 15 दिन में दोगुने से ज्यादा बढ़ी टैंकरों की संख्या, 70 से बढ़कर 148 हुए पानी के टैंकर

गहराया जलसंकट, 15 दिन में दोगुने से ज्यादा बढ़ी टैंकरों की संख्या, 70 से बढ़कर 148 हुए पानी के टैंकर
  • 33 कुएं और बोरवेल प्रशासन ने किए अधिग्रहित
  • 70 से बढ़कर 148 हुए पानी के टैंकर
  • वाड़ी, बस्तियों और तांडों में पानी की समस्या गंभीर

डिजिटल डेस्क, बीड। सूखे की मार झेल रहे बीड जिले में जलसंकट लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 15 दिनों में पानी की जरूरत वाले गांवों की संख्या तेजी से बढ़ी है। करीब दो सप्ताह पहले 70 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा था। अब यह संख्या बढ़कर 148 हो गई है। पेयजल की जरूरत पूरी करने के लिए प्रशासन ने 33 कुएं और बोरवेल अधिग्रहित किए हैं।

जिले के कई छोटे-बड़े जलस्रोत लगभग सूख चुके हैं। कुछ जल परियोजनाओं में सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत पानी बचा है। इस साल पर्याप्त बारिश नहीं होने से कुओं और बोरवेल का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है। इससे आने वाले दिनों में पानी की समस्या और बढ़ने की आशंका है।

करीब 15 दिन पहले जिले के कुछ गांवों में 70 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा था। अब दो सप्ताह में ही टैंकरों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है। खासकर वाड़ी, बस्तियों और तांडों में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है।

राज्य सरकार द्वारा बीड जिले में सूखा घोषित किए जाने के बाद प्रशासन ने पेयजल के लिए टैंकर शुरू किए हैं। इसके साथ ही पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ रही है। बड़े पशुओं के लिए 80 रुपये और छोटे पशुओं के लिए 45 रुपये देने की व्यवस्था होने की बात कही जा रही है। हालांकि, अभी तक किसानों को चारा उपलब्ध नहीं कराया गया है।

पशुओं को चारा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को देने पर सरकार विचार कर रही है। लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। ऐसे में किसान अपने स्तर पर ही पशुओं के चारे और पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।

जलस्तर में लगातार गिरावट और टैंकरों की बढ़ती संख्या से बीड जिले में जलसंकट की गंभीर स्थिति सामने आ रही है।

Created On :   7 Oct 2026 8:01 PM IST

Tags

Next Story