नए फसल ऋण के निर्देश: बीड में किसान कर्जमाफी की तीसरी सूची जारी, 45 हजार 15 किसानों को मिली जगह

बीड में किसान कर्जमाफी की तीसरी सूची जारी, 45 हजार 15 किसानों को मिली जगह
  • अब तक 1.99 लाख किसानों के नाम शामिल, 918.56 करोड़ रुपये मंजूर
  • 1.29 लाख किसानों का आधार प्रमाणीकरण पूरा, 70,221 किसानों की ई-केवाईसी बाकी
  • दो लाख रुपये तक का पात्र फसल ऋण होगा माफ
  • प्रमाणीकरण के बाद खातों में जमा होगी राशि

डिजिटल डेस्क, बीड़। महाराष्ट्र सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 के तहत जिले के किसानों के लिए तीसरी सूची जारी कर दी है। 12 अक्टूबर को जारी इस सूची में 45,015 किसानों को शामिल किया गया है। इससे पहले पहली सूची में 96,523 और दूसरी सूची में 57,732 किसानों के नाम शामिल किए गए थे। इस तरह जिले में अब तक कुल 1,99,270 किसानों को कर्जमाफी सूची में जगह मिल चुकी है। वहीं, राज्य सरकार ने जिले के लिए कुल 918.56 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

इन सूचियों में राष्ट्रीयकृत बैंकों, महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक से फसल ऋण लेने वाले पात्र किसानों को शामिल किया गया है। प्रशासन के अनुसार, सूचियां संबंधित ग्राम पंचायतों, सेवा सहकारी संस्थाओं और बैंकों की शाखाओं में उपलब्ध कराई गई हैं।

13 अक्टूबर 2026 तक सूची में शामिल 1,29,049 किसानों ने आधार केंद्रों पर जाकर अपना आधार प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है। हालांकि, अभी भी 70,221 किसानों का आधार प्रमाणीकरण बाकी है। प्रशासन ने संबंधित किसानों से जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी करने की अपील की है, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।

918.56 करोड़ रुपये मंजूर

पहली और दूसरी सूची के बाद किसानों द्वारा कराए गए आधार प्रमाणीकरण के आधार पर राज्य सरकार ने बीड जिले के लिए कुल 918.56 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इनमें राष्ट्रीयकृत बैंकों और महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक के 1,04,624 किसानों के खातों में 885.07 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। वहीं, बीड जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के 6,254 किसानों के खातों में 33.49 करोड़ रुपये सीधे जमा किए गए हैं।

दो लाख रुपये तक का पात्र फसल ऋण माफ

योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित किए गए ऐसे पात्र फसल ऋण माफ किए जाएंगे, जो 30 सितंबर 2025 को बकाया थे और जिनकी ऋण राशि 31 मार्च 2026 तक बकाया रही। इसके तहत दो लाख रुपये तक का पात्र फसल ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा।

इसके अलावा, राष्ट्रीयकृत और वाणिज्यिक बैंकों के कुछ किसानों की बकाया राशि दो लाख रुपये से अधिक होने पर सरकार की 'हेयर कट' नीति के अनुसार ऋण को शून्य करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीसरी सूची अंतिम नहीं है। पहली तीन सूचियों में नाम नहीं आने वाले पात्र किसानों के नाम आगामी सूचियों में शामिल किए जा सकते हैं। इसलिए किसानों को निराश होने की जरूरत नहीं है।

सूची में नाम शामिल होने वाले किसानों को आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर 'आपले सरकार सेवा केंद्र' में निःशुल्क आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) कराना अनिवार्य है। प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद ही कर्जमाफी की राशि संबंधित किसानों के खातों में जमा की जाएगी।

मृतक, बुजुर्ग और ऐसे किसान जिनके अंगूठे के निशान का प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है, उनके लिए सरकार ने 19 अगस्त 2026 को अलग मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) जारी की है, ताकि ऐसे किसानों को भी योजना का लाभ मिल सके।

कर्जमाफी के बाद नए फसल ऋण के निर्देश

जिन किसानों के खातों में कर्जमाफी की राशि जमा हो चुकी है, उन्हें तत्काल नया फसल ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश बीड जिले की सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों, महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक और बीड जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक को दिए गए हैं।

जिलाधिकारी विवेक जॉन्सन और जिला उपनिबंधक सतीश तोटावार ने शेष 70,221 किसानों से बिना देरी किए आधार प्रमाणीकरण पूरा करने की अपील की है, ताकि वे योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

Created On :   13 Oct 2026 6:23 PM IST

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