कार्रवाई: डीजल के पैसे नहीं होने पर बीमार बच्ची को एंबुलेंस से उतारने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की सख्त, चिकित्सा अधिकारी का छीना प्रभार

डीजल के पैसे नहीं होने पर बीमार बच्ची को एंबुलेंस से उतारने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की सख्त, चिकित्सा अधिकारी का छीना प्रभार
  • डीजल के पैसे नहीं होने पर बच्ची को एंबुलेंस से उतारने का मामला
  • दिंद्रुड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. निलेश ढाकणे पर कर्तव्य में लापरवाही का आरोप लगा
  • कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है

डिजिटल डेस्क, बीड. जिले के माजलगांव तहसील स्थित दिंद्रुड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीमार और बेहोश छात्रा को बड़े अस्पताल में रेफर करने के दौरान एंबुलेंस के डीजल के लिए पैसे मांगने और पैसे नहीं होने पर उसे एंबुलेंस से उतारने के आरोपों के मामले में जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कर्तव्य में लापरवाही के प्रथमदृष्टया आरोपों के चलते चिकित्सा अधिकारी डॉ. निलेश नारायण ढाकणे से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी पद का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

मीडिया में खबर आने के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग

जानकारी के अनुसार, दिंद्रुड स्थित जिला परिषद स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को अचानक दौरा पड़ा, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्कूल के मुख्याध्यापक मनोहर कटारे और उनके सहयोगियों ने उसे तत्काल दिंद्रुड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। छात्रा की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ. निलेश नारायण ढाकणे ने उसे आगे के उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी।

आरोप है कि इस दौरान छात्रा के परिजनों से एंबुलेंस के डीजल के लिए पैसे मांगे गए। पैसे उपलब्ध नहीं होने पर बीमार बच्ची को एंबुलेंस से नीचे उतार दिया गया। इस घटना की खबरें समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित होने के बाद जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की।

शासन को भेजा गया कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव

प्रशासन की प्रारंभिक जांच में दिंद्रुड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. निलेश नारायण ढाकणे (समूह-अ) की ओर से कर्तव्य में लापरवाही किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए उनसे चिकित्सा अधिकारी पद का प्रभार वापस ले लिया।

इसके अलावा, महाराष्ट्र नागरी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1979 के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव लातूर परिमंडल के स्वास्थ्य सेवा उपसंचालक के माध्यम से मुंबई स्थित स्वास्थ्य सेवा आयुक्त को भेजा गया है।

जिला परिषद ने दी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी

शासन स्तर से आगे के आदेश प्राप्त होने तक डॉ. ढाकणे का मुख्यालय जिला परिषद, बीड के स्वास्थ्य विभाग में निर्धारित किया गया है।

इस कार्रवाई के जरिए जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले की किसी भी स्वास्थ्य संस्था में मरीजों के उपचार के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी में कोताही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Created On :   15 Oct 2026 9:00 PM IST

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