भावुक बयान: पंकजा मुंडे बोलीं- राजनीति से संन्यास लेने का मन करता है, धनंजय मुंडे ने भी जताई मौजूदा सियासत पर नाराजगी

  • महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है
  • पंकजा के बाद धनंजय मुंडे बोले- कभी-कभी लगता है राजनीति में रहना चाहिए या नहीं
  • धनंजय मुंडे बोले- सभी क्षेत्रों में मेरा 'वजन' कम हो गया था, अब आने वाला समय हमारा है

Beed News. भाजपा की वरिष्ठ नेता पंकजा मुंडे के भावुक बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। बीड़ जिले के परली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने खराब सड़क का जिक्र करते हुए कहा कि अब उन्हें राजनीति से संन्यास लेने का मन करता है। वहीं, उनके बयान के बाद पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने भी मौजूदा राजनीतिक माहौल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार उन्हें भी लगता है कि राजनीति में रहना चाहिए या नहीं। परली में आयोजित कार्यक्रम में पंकजा मुंडे ने कहा, "इस सड़क पर झटके खाते हुए यहां पहुंची और अपने पीए से कहा कि अब थक गई हूं। राजनीति से रिटायर होने का मन करता है।" हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह और स्नेह देखकर उन्हें फिर से काम करने की नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा, "लाल बत्ती वाली गाड़ी मेरे लिए नहीं, बल्कि आपके विकास के लिए है।" इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया। पंकजा ने बताया कि भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में प्रधानमंत्री अमेरिका के आधिकारिक दौरे से सीधे पहुंचे थे। लंबी यात्रा के बावजूद उन्होंने थकान नहीं दिखाई और हर विधानसभा क्षेत्र की विस्तार से समीक्षा करते हुए स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा की। हालांकि, पंकजा मुंडे ने राजनीति से संन्यास लेने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और समर्थन उन्हें आगे भी पूरी ऊर्जा के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।

पंकजा के बाद धनंजय मुंडे बोले- कभी-कभी लगता है राजनीति में रहना चाहिए या नहीं

पंकजा मुंडे के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने उन्हें भाजपा छोड़कर स्वतंत्र नेतृत्व करने और महाराष्ट्र की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने की पेशकश तक कर दी। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेता एवं पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने भी राजनीति को लेकर अपनी भावना व्यक्त की। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "आज जिस तरह की राजनीति हो रही है, उसमें हर जगह जाति और धर्म की राजनीति दिखाई देती है। ऐसे माहौल में मेरे जैसे व्यक्ति को भी कभी-कभी लगता है कि आखिर राजनीति में रहना चाहिए या नहीं।" हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राजनीति छोड़ने का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में समानता स्थापित करने और महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए राजनीति में सक्रिय रहना जरूरी है। धनंजय मुंडे के इस बयान को मौजूदा राजनीतिक माहौल पर उनकी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।

धनंजय मुंडे बोले- सभी क्षेत्रों में मेरा 'वजन' कम हो गया था, अब आने वाला समय हमारा है

पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने अपने वजन को लेकर भी हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। बीड़ जिले के सिरसाळा में बंजारा समाज के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम से उन्होंने अपना वजन कम किया है। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, "मेरा वजन सभी क्षेत्रों में कम हो गया था। लेकिन आने वाला समय हमारा ही है, इसलिए फिट रहना जरूरी है। इसी वजह से अब मैं रोज जिम जाता हूं।" उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में वजन कम होने के बाद उनसे मिलने वाला लगभग हर करीबी व्यक्ति सबसे पहले उनकी तबीयत के बारे में पूछता था। कार्यक्रम में उन्होंने पूर्व मंत्री मनोहर नाईक और विधायक इंद्रनील नाईक के परिवार की सराहना की तथा परळी में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भी प्रशंसा की।

Created On :   3 Aug 2026 9:23 PM IST

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