Beed News: एनआईसी डेटाबेस में सेंध लगाकर जारी किए फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट, नोएडा से मास्टरमाइंड गिरफ्तार

एनआईसी डेटाबेस में सेंध लगाकर जारी किए फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट, नोएडा से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
  • एसआईटी की बड़ी कार्रवाई
  • बिना वाहन जांच के जारी हो रहे थे प्रमाणपत्र
  • सुरक्षा पर उठे सवाल

Beed News बीड पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने वाहनों की वास्तविक जांच किए बिना फर्जी फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने वाले एक अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले के मुख्य आरोपी आशीष कड़ियान को उत्तर प्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के डेटाबेस में सेंध लगाकर फर्जी फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए। इस खुलासे के बाद देश की साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस संबंध में बीड ग्रामीण पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सोशल मीडिया के माध्यम से वाहन मालिकों से संपर्क कर वाहनों की वास्तविक फिटनेस जांच किए बिना ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे थे। मामले की गंभीरता और तकनीकी जटिलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक वेंकटराम के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर एसआईटी की टीम उत्तर प्रदेश के नोएडा पहुंची और वहां से मुख्य आरोपी आशीष कड़ियान को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आशीष कड़ियान वेलोसिस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत था। यह कंपनी नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इन्कॉरपोरेटेड (NICSI) के अंतर्गत कार्य करती है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर एनआईसी के डेटाबेस में घुसपैठ की या किसी अन्य माध्यम से यह फर्जीवाड़ा अंजाम दिया। एसआईटी अब इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों, सहयोगियों और लाभार्थियों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी फिटनेस प्रमाणपत्रों के आधार पर सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से आम नागरिकों की सुरक्षा को कितना खतरा पहुंचा।


Created On :   29 July 2026 3:19 PM IST

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