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Bhandara News: बिछड़ गए थे तेंदुए के शावक , मां से मिलवाने में सफल रहा वन विभाग

Bhandara News साकोली वन क्षेत्र के मौजा सालई (रीठी) में मक्के के खेत में मिले मादा तेंदुए के दो शावकों को उनकी मां से दोबारा मिलाने में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। रविवार 10 मई को खेत में मक्के की फसल निकालने के दौरान मजदूरों को तेंदुए के दो शावक दिखाई दिए थे। सूचना मिलते ही वन विभाग ने दोनों शावकों को सुरक्षित कब्जे में लेकर उनकी देखरेख शुरू की थी। जानकारी के अनुसार, सानगड़ी निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार तेजराम बहेकार के खेत में यह घटना सामने आई थी। खेत में अचानक तेंदुए के शावक नजर आने से मजदूरों और किसानों में दहशत फैल गई थी। इसी दौरान मादा तेंदुए ने एक मजदूर पर हमला करने का प्रयास भी किया, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था और कई किसानों ने खेतों में जाना टाल दिया था।
वन विभाग ने तत्काल स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए शावकों की स्वास्थ्य जांच कराई। डॉ. मेघराज तुलावी तथा पशुवैद्यकीय अधिकारी डॉ. सव्वाशे की निगरानी में शावकों की नियमित जांच की गई। इसके बाद रविवार 12 मई की रात शावकों को उनकी मां से मिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। वन विभाग द्वारा ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। इस अभियान में शीघ्र बचाव दल के सदस्य अनिल शेलके, अविनाश नागपुरे, निशी वानखेड़े, फगन नेवारे, सुधीर ढेंगे, भूषण मसुरकर, शुभम मोदनकर, साकोली राहत बचाव दल तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी सचिन कटरे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देर रात जैसे ही शावक नजर आए, मादा तेंदुए उन्हें अपने साथ जंगल की ओर ले गई। यह पूरा घटनाक्रम वन विभाग के कैमरों में कैद हो गया। यह अभियान उपवनसंरक्षक योगेंद्र सिंह तथा सहायक वनसंरक्षक संजय मेंढे के मार्गदर्शन में चलाया गया। वन विभाग ने बताया कि आगे भी मादा तेंदुए और उसके शावकों पर नजर रखी जाएगी ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न न हो। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने पर तुरंत फॉरेस्ट हेल्पलाइन नंबर 1926 अथवा भंडारा वन विभाग के नियंत्रण कक्ष 07184-252283 पर संपर्क किया जा सकता है।
Created On :   14 May 2026 2:50 PM IST















