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Bhandara News: धान की बकाया राशि के लिए तरसे किसान, पहुंचे तहसील कार्यालय पर ताला जड़ने
Bhandara News धान के बकाया भुगतान और धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग को लेकर लाखनी तहसील कार्यालय के सामने किसानों ने उग्र आंदोलन छेड़ दिया। छत्रपति शिवाजी महाराज किसान संगठन के नेतृत्व में किसानों ने “ताला जड़ो” आंदोलन करते हुए प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रास्ता रोको आंदोलन करेंगे।
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार शीतल घावटे ने मौके पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को उच्च स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया। किसानों का कहना है कि उनका धान सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्रों में बिक्री के लिए पड़ा हुआ है, लेकिन खरीदी प्रक्रिया बंद होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर किसान संगठनों ने अब आक्रामक रुख अपना लिया है। आंदोलन को सरपंच संगठन का भी समर्थन मिला। संगठन के अध्यक्ष शरद इटवले ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर किसानों की मांगों का समर्थन किया, जिससे आंदोलन को और व्यापक स्वरूप मिला।
इस दौरान किसान संगठन के अध्यक्ष धनंजय लोहबरे, शरद इटवले, सुरेश बोपचे, दिनेश वासनिक, सीताराम डोंगरवार, मदन बांते, अनिल तिजारे, उमेश पडोले, विनोद कोहाडकर सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।
आंदोलनकारियों को पालकमंत्री ने दिया आश्वासन : धान के बकाया रुपए देने और समर्थन मुल्य धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग को लेकर चल रहे किसानों के आंदोलन स्थल पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर, सांसद प्रशांत पडोले, विधायक परिणय फुके, विधायक नाना पटोले, जिलाधिकारी सावन कुमार ने भेट दी। इस समय राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने धान खरीद के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से इस मुद्दे पर चर्चा करने का आश्वासन दिया। तब आंदोलनकारियों आंदोलन वापस लिया। खरीफ मौसम 2025 - 26 के लिए धान खरीदी का लक्ष्य कम होने से किसानों का आर्थिक हिसाब - किताब पूरी तरह बिगड़ गया है। खाद, मजदूरी और सोसायटी का कर्ज चुकाना कठीन हो गया है। कई किसानों ने रुपयों के कमी के कारण अपने बेटे - बेटियों की शादी टाल दी है। कुछ किसानों ने रुपयों की कमी के कारण तय शादी भी कैंसिल कर दी है। किसानों ने धान खरीदी का लक्ष्य बढाने और खरीदी गए धान के रुपए देने की मांग की। आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने किसानों से सीधे बातचीत की।
अगले हफ्ते मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा करके इस मुद्दे को सुलझाने का आश्वासन दिया। सांसद प्रशांत पडोले, विधायक नाना पटोले ने भी किसानों के पक्ष में भूमिका रखी। आंदोलन का नेतृत्व पूर्व समाज कल्याण सभापति चंद्रशेखर टेंभुर्णे, कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष डॉ. सुरेश ब्राह्मणकर, उबाटा के तहसील अध्यक्ष विनोद धोरे, प्रहार जन संगठन के तहसील अध्यक्ष काशीनाथ हत्तीमारे, राष्ट्रवादी शरद पवार ग्रुप के नरेश दिवते, उत्तम भागडकर ने किया। इस अवसर पर गोविंदराव बर्डे, होमराज डोये, मंगेश राऊत, भूमेश्वर मारवाड़े, रमेश पारधी, लक्ष्मण हत्तीमारे, संदीप कोरे, सदाराम दिघोरे, रामदास राऊत, राष्ट्रपाल लोनारे, संदीप मोदघरे, मंसाराम बोकड़े, डॉ. शंकर कठाने, ज्ञानेश्वर राऊत, लोचन पारधी, घनश्याम फुंडे, मनोज ठाघर, प्रभाकर राऊत, रमेश शिलार समेत अनेक सर्वदलीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
Created On :   16 April 2026 3:07 PM IST

















