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Bhandara News: भंडारा में सदियों पुराने पेड़ अब नहीं कटेंगे, कलेक्टर ने लगाई रोक

Bhandara News राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 53 को फोर लेन बनाने के कार्य के दौरान हो रही पेड़ों की कटाई के खिलाफ जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जरूरत सिद्ध किए बिना और पूरी तकनीकी पड़ताल के बिना एक भी पेड़ नहीं काटा जाए। यह कदम पर्यावरण प्रेमियों की मांग के बाद उठाया गया, जिसके बाद पर्यावरण प्रेमियों ने जिलाधिकारी की भूमिका का स्वागत किया है।
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फुलमोगरा से कारधा तक के मार्ग पर नीम, सागौन, इमली, पीपल, करंजी, बबूल, आम और तिल जैसे लगभग 100 से 150 साल पुराने विशाल वृक्ष मौजूद हैं। इन पेड़ों ने न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखा है, बल्कि दशकों से यात्रियों को छाया भी प्रदान की है। इस क्षेत्र में कुल 112 पेड़ों में से अब तक 45 पेड़ काटे जा चुके हैं। सदियों पुराने पेड़ों की कटाई से नागरिकों में गहरा आक्रोश है तथा नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने तीव्र विरोध करते हुए पेड़ों की कटाई के खिलाफ एकजुट हो गए। उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए विकास के नाम पर हो रहे पर्यावरणीय नुकसान को रोकने की मांग रखी। इसके बाद जिलाधिकारी ने सोमवार, 20 मई को तत्काल बैठक बुलाकर संबंधित परियोजना अधिकारी से जानकारी ली और पूरे हालात का जायजा लिया।
जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद अब पेड़ों की आगे की कटाई पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है। यह निर्णय पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मौके पर डॉ. नितिन तुरसकर, चंदू वंजारी, चंद्रशेखर भिवगडे, प्रमोद केसलकर, प्रवीण मेहर, मोहम्मद सईद शेख, आबिद सिद्दीकी, नितिन कुथे, प्रशांत देसाई, प्रणय बडवाइक, वैभव चोपकर, सदानंद इल्मे, हिवराज उके, नितिन कुठे, हेमंत साकुरे, कविता नागापुरे, विजय निचकड़े मौजूद थे।
Created On :   21 April 2026 3:12 PM IST














