Bhandara News: न गाय न भैंस फिर भी पशु संवर्धन विभाग ने बेच दिया 12 लाख लीटर दूध

न गाय न भैंस फिर भी पशु संवर्धन विभाग ने बेच दिया 12 लाख लीटर दूध
  • पशु वितरण योजना में ~11 करोड़ का घोटाला
  • कागजों में कर दिया 81 लोगों को मवेशियों का वितरण

Bhandara Nagpur लाखांदुर पंचायत समिति अंतर्गत पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय विभाग में वर्ष 2018 -19 से 2025 - 26 के बीच करीब 11 करोड़ 3 लाख 40 हजार रुपए के गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस विषय में पूर्व समाज कल्याण सभापति चंद्रशेखर टेंभुर्णे ने मुंबई मंत्रालय में पशुसंवर्धन विभाग के सचिव को

शिकायत सौंपी है। पंचायत समिति के पशुधन एवं दुग्ध व्यवसाय अधिकारियों ने सप्लायर्स के साथ मिलकर 118 लाभार्थियों में से 81 लाभार्थियों को पशु दिए बिना ही कागजों में वितरण दिखाया। सूचना के अधिकार में प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वयं तहसील पशुसंवर्धन अधिकारी ने 30 व 31 मार्च 2026 को पत्र के माध्यम से स्वीकार किया है कि, 81 लाभार्थियों के पास पशु नहीं हैं।

विभाग पर सरकार को गुमराह करने के लिए फर्जी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आरोप है। वर्ष 2018-19 से 2024-25 के दौरान 12 लाख 17 हजार 240 लीटर दूध उत्पादन दिखाया गया। जबकि 81 लाभार्थियों के पास पशु ही नहीं हैं, ऐसे में इतना दूध कहां से आया और किस डेयरी में बेचा गया, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कई मामलों में एक ही व्यक्ति को बार-बार लाभ देकर भ्रष्टाचार की सीमा और बढ़ाई गई।

पांच वर्ष का कागजी विवरण

वर्ष 2018-19 में 13 में से एक भी लाभार्थी को मवेशी वितरित नहीं किया गया। वर्ष 2019-20 में 11 में से लाभार्थियों को 8 एवं 2021- 22 में 17 में से 12 लाभार्थियों को मवेशी का वितरण नही किया गया। वर्ष 2023 - 24 में 21 में से 14 लाभार्थियों को मवेशी नहीं बांटे गए। वर्ष 2024 - 25 में 12 में से 9 मवेशी वितरित किए गए। वर्ष 2025-26 में 32 में से 17 लाभार्थियों के पास मवेशी नहीं है। इस गंभीर मामले की ओर अब सभी की नजरें लगी हैं।

मामले की गहन जांच करें : "मामले की गहन जांच कर दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए तथा गड़बड़ी की राशि संबंधित कर्मचारियों और सप्लायर्स से वसूल की जाए।" -चंद्रशेखर टेंभुर्णे, पूर्व समाजकल्याण सभापति, जि.प.भंडारा


Created On :   2 May 2026 3:57 PM IST

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