Bhopal News: केन-बेतवा प्राेजेक्ट में विस्थापितों के हक पर रिश्वतखोरी से सुशासन की खुली पोल- जीतू पटवारी

केन-बेतवा प्राेजेक्ट में विस्थापितों के हक पर रिश्वतखोरी से सुशासन की खुली पोल- जीतू पटवारी

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा है। पटवारी ने कहा कि सरकार विधानसभा में मुआवजा और पुनर्वास व्यवस्था में किसी अनियमितता से इनकार करती रही, लेकिन अब रिश्वतखोरी का मामला सामने आना सरकार के दावों पर सवाल खड़े करता है।

पटवारी ने कहा कि 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई, 30 हजार रुपए पहले लिए गए और 47 हजार रुपए लेते हुए पटवारी लोकायुक्त के हाथों पकड़ा गया। अगर विस्थापित परिवारों को उनका हक दिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त थी, तो फिर उनके मुआवजे और दस्तावेजों के नाम पर रिश्वत क्यों मांगी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक पटवारी के भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। यह उन 1321 विस्थापित परिवारों के अधिकारों और सरकार की पूरी मुआवजा-पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल है। सरकार ने विधानसभा में दावा किया था कि फ्रेश सर्वे के बाद मुआवजा निर्धारण और पुनर्वास लाभों के वितरण में कोई अनियमितता नहीं मिली।

अब लोकायुक्त की कार्रवाई ने उस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या यह माना जाए कि सरकारी फाइल आगे बढ़ाने से लेकर मुआवजा दिलाने तक भ्रष्टाचार का तंत्र खड़ा किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि 1321 विस्थापित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और विस्थापितों के हक के पैसे पर भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। विकास के नाम पर विस्थापितों को उनका हक देने के बजाय यदि सरकारी तंत्र रिश्वत मांगता है, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं बल्कि गरीब और विस्थापित परिवारों के साथ अन्याय है।

Created On :   13 Sept 2026 1:29 AM IST

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