MP News: बल्क वेस्ट जनरेटर में शासकीय, अशासकीय संस्थानों व अन्य परिसरों का जल्द होगा पंजीयन

बल्क वेस्ट जनरेटर में शासकीय, अशासकीय संस्थानों व अन्य परिसरों का जल्द होगा पंजीयन

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। नगर निगम भोपाल ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के दिशा-निर्देशों अनुसार शहर में कचरा प्रबंधन निर्धारित मानकों अनुसार कराने की कार्यवाही की जा रही। वल्लभ भवन परिसर का बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी ) के रूप में स्वेच्छा से पंजीयन कराया गया। स्वच्छ भारत मिशन विंग के अनुसार, अब तक मॉल जैसी प्राइवेट और सरकारी इमारतों सहित अन्य 100 से ज्यादा संस्थानों ने बीडब्ल्यूजी में पंजीयन कराया है।

भोपाल नगर निगम अब अपनी मुख्य इमारत अटल भवन सहित अन्य दूसरी बड़ी सरकारी इमारतों को भी अनिवार्य बल्क वेस्ट जनरेटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम के दायरे में लाएगा। सतपुड़ा भवन, विंध्याचल भवन, जिला अदालत और अटल भवन का रजिस्ट्रेशन इस महीने किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक शहर भर के बड़े संस्थानों को पत्र भेजकर उन्हें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने और कचरा प्रबंधन के नए नियमों का पालन करने का निर्देश दिए जा रहे।

एडिशनल कमिश्नर अमन मिश्रा ने बताया कि 125 बड़े कचरा उत्पादकों को बल्क वेस्ट जेनरेटर के तौर पर रजिस्टर किया गया है। नगर निगम की इमारत को भी रजिस्टर किया गया है। जल्द ही अन्य बड़ी इमारतों को भी रजिस्टर किया जाएगा।

सरकारी दफ्तरों के लिए कचरा निपटान शुल्क 2400 प्रति टन

नए नियमों के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार के दफ्तरों से कचरा निपटान के लिए 2400 प्रति टन शुल्क लिया जाएगा। रिहायशी कॉलोनियों से 2100 प्रति टन शुल्क लिया जाएगा। वहीं कमर्शियल गतिविधियों में शामिल सरकारी संस्थानों को 2700 प्रति टन देना होगा। नियम कचरे को अलग-अलग करने (सेग्रीगेशन) को भी बढ़ावा देते हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके ट्रांसफर स्टेशन में भेजने पर संस्थानों से 922 रुपए प्रति टन शुल्क लिया जाएगा। जबकि कचरा अलग नहीं होने पर शुल्क में इजाफा होगा। यानी संस्थानों पर 150 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।

Created On :   18 Aug 2026 1:24 AM IST

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