MP News: 'नवीन' टीम में कैलाश और प्रह्लाद को नहीं मिली जगह, प्रदेश में सरकार- सगंठन में निभाते रहेंगे अपनी भूमिका

नवीन टीम में कैलाश और प्रह्लाद को नहीं मिली जगह, प्रदेश में सरकार- सगंठन में निभाते रहेंगे अपनी भूमिका
बीजेपी केंद्र में युवा और अनुभवी नेताओं को प्रदेश की सत्ता और संगठन की जिम्मेदारी तक सीमित रहकर उनके अनुभव का लाभ स्थानीय स्तर पर लेना चाहेगी। ।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार में शामिल दो दिग्गज मंत्रियों के बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने की अटकलें खूब तेजी से दौड़ रही थी, लेकिन बीते दिन बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम में इन्हें मौका नहीं दिया। हालांकि ये पार्टी की अपनी सोची समझी रणनीति है। दोनों ही नेताओं की भूमिकाओं को लेकर लंबे समय से कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। ऐसा माना जा रहा था कि दोनों को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।

आपको बता दें कैलाश विजयवर्गीय पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य के प्रभारी की अहम जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कुछ दिन पहले ही विजयवर्गीय की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी हुई थी। तब से उनकी नई भूमिका को लेकर चर्चाएं और तेज हुई थी। बात प्रह्लाद पटेल की करें तो वे केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। प्रदेश में प्रह्लाद बीजेपी के बड़े ओबीसी और लोधी समाज के नेताओं में गिने जाते हैं। महाकौशल और बुंदेलखंड इलाके में उनका अधिक प्रभाव है।

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में दोनों नेताओं को जगह नहीं मिली है। इससे साफ है कि विजयवर्गीय और पटेल राज्य सरकार में मंत्री के रूप में ही रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। आगामी समय में दोनों नेता नई भूमिका में नजर आ सकते है। मार्गदर्शक के तौर पर भी मौका मिल सकता है। ऐसे में इनके पुत्रों की राजनीति में बड़े स्तर पर एंट्री भी होने का अनुमान है।

मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल को राष्ट्रीय संगठन में भेजे जाने की अटकलें अब खत्म हो गई हैं। बीजेपी की नई टीम से अब ये साफ हो गया है कि अब ये दोनों नेता राज्य में ही मंत्री पद पर बने रहेंगे। पार्टी कई अनुभवी नेताओं को संगठन और प्रदेश की जिम्मेदारियों में बनाए रखने का संदेश भी नजर आता है। जबकि नितिन की नई टीम में शामिल युवाओं नेताओं से भी साफ संंदेश है कि बीजेपी युवाओं और नई पीढ़ी के साथ अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाकर चलेगी। इससे साफ है कि बीजेपी केंद्र में युवा और अनुभवी नेताओं को प्रदेश की सत्ता और संगठन की जिम्मेदारी तक सीमित रहकर उनके अनुभव का लाभ स्थानीय स्तर पर लेना चाहेगी।

Created On :   18 Aug 2026 3:55 PM IST

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