Gold Loan Fraud: एसबीआई में नकली सोने के जेवरात रखकर पौने पांच करोड़ का ऋण लेने के मामले में CBI ने की एफआईआर

एसबीआई में नकली सोने के जेवरात रखकर पौने पांच करोड़ का ऋण लेने के मामले में CBI ने की एफआईआर
नकली सोने के गहने बैंक सिक्योरिटी के तौर पर गिरवी रखे गए थे और सोने के गहनों की असलियत और शुद्धता के बारे में झूठे अप्रेजल सर्टिफिकेट दिये गये।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सीबीआई भोपाल ने विदिशा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एग्रीकल्चर कमर्शियल ब्रांच में 80 गोल्ड लोन खातों के अंतर्गत नकली सोने के जेवरात रखकर 4 करोड़ 74 लाख रुपये का ऋण लेने के मामले में एम्पेनल्ड वेल्युर्स मेसर्स स्वर्ण आभूषण केंद्र सावरकर चौक डागा वस्त्रालय के सामने विदिशा के प्रोपराइटर आशीष सोनी तथा मेसर्स कैलाश नारायण अमित सोनी लोहा बाजार विदिशा के प्रोपराइटर अमित कुमार सोनी तथा अन्य अज्ञात लोक सेवकों के विरुध्द एफआईआर दर्ज की है।

दरअसल, वर्ष 2025-26 के दौरान विदिशा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एग्रीकल्चर कमर्शियल ब्रांच ने बड़ी संख्या में एग्री गोल्ड लोन और रिटेल गोल्ड लोन मंज़ूर किये और बांटे, जिसमें नकली सोने के गहने बैंक सिक्योरिटी के तौर पर गिरवी रखे गए थे और सोने के गहनों की असलियत और शुद्धता के बारे में झूठे अप्रेजल सर्टिफिकेट दिये गये। प्रोसेस के मुताबिक, गिरवी रखे गए सोने के गहनों की असलियत और शुद्धता की जांच बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में एम्पैनल्ड अप्रेजर से करवानी होती है। एसबीआई ने 5 मई 2026 को एक इंडिपेंडेंट अप्रेजर के साथ रिस्क फोकस इंटरनल ऑडिट किया था, जिसमें 80 गोल्ड लोन अकाउंट संदिग्ध पाए गए, क्योंकि गिरवी रखे गए सोने के गहनों की शुद्धता तय नॉर्म्स से कम पाई गई। हालांकि इनमें से कुछ लोन अकाउंट हाल ही में बंद कर दिए गए हैं, लेकिन सभी 80 गोल्ड लोन अकाउंट के गिरवी रखे गए सोने के गहने अभी भी बैंक की कस्टडी में हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एग्रीकल्चर कमर्शियल ब्रांच, विदिशा ने इन 80 गोल्ड लोन अकाउंट में लगभग 4.74 करोड़ रुपये मंज़ूर किए थे। इन 80 अकाउंट में से 25 गोल्ड लोन अकाउंट बंद कर दिए गए हैं क्योंकि कर्ज लेने वालों ने 2.12 करोड़ रुपये (लगभग) की बकाया रकम चुका दी है। बाकी 55 गोल्ड लोन अकाउंट में ब्याज के साथ लगभग 2.69 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। नकली सोने के गहनों के बदले 80 गोल्ड लोन मंज़ूर किए थे, जो एम्पैनल्ड वैल्यूअर्स आशीष सोनी और अमित कुमार सोनी द्वारा सोने के गहनों के तौर पर जारी की गई कथित झूठी अप्रेजल रिपोर्ट के आधार पर थे, जो बाद में एसबीआई द्वारा किए गए इंटरनल ऑडिट के दौरान पूरी तरह से नकली पाए गए।

Created On :   24 Jun 2026 10:14 PM IST

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