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MP News: LNCT ग्रुप के सचिव चौकसे और गुप्ता के यहां 272 करोड़ की हेरफेर को लेकर ED का एक्शन

डिजिटल डेस्क, भोपाल। ईडी भोपाल जोन ने मंगलवार को एलएनसीटी ग्रुप के सचिव अनुपम चौकसे और धर्मेंद्र गुप्ता के भोपाल, इंदौर और बिलासपुर स्थित शैक्षणिक ठिकानों पर कार्रवाई की। इसमें ईडी को बड़ी मात्रा मेें सोना और करोड़ों रुपए नगदी मिले। ईडी ने भारी मात्रा में दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी छानबीन की जाना है। ईडी को नगदी और सोना भी मौके से मिला है।
ज्ञात हो कि सितंबर, 2025 में आर्थिक अपराध अन्वेषण् प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने एलएनसीटी ग्रुप के अध्यक्ष जयनारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, पूजाश्री चौकसे कोषाधक्ष, पूनम चौकसे, श्वेता चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता और आशीष जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें 272 करोड़ रुपए की हेरफेर, गबन का आरोप था।
अब 9 महीने बाद ईडी ने एलएनसीटी ग्रुप के मनी ट्रेल को पकड़ा, जिसमें करोड़ों रुपए की हेरफेर सामने आई है। आरोपियों ने श्रीआस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी इंदौर ने छात्रवृत्ति, आयुष्मान फीस कलेक्शन और बैंक खातों हेरफेर, लोन प्रविष्टियां, निर्माण कार्यों में अधूरे वाउचर, फर्जी संस्थाओं को भुगतान, छात्रवृत्ति व आयुष्मान राशि का डायवर्जन, पीएफ-ईएसआई में फंड में 272 करोड़ रुपए की लेनदेने पाई गई, जिसमें अिधकांश पैसों का लेनदेने मनी लान्ड्रिंग के जरिए किया गया। परोपकारी गतिविधियों के लिए श्रीआस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी 2006 में पंजीकृत की गई थी। बाद में इसमें कई दफा विवाद गहराया। संस्था के फंड को सुनियोजित तरीके से अन्य कंपनियों एवं ट्रस्ट को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए डायवर्ट किया गया। आरोपी पदाधिकारियों ने संस्था के फंड का दुरुपयोग कर गबन किया।
शैल कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप
हॉस्टल व बस फीस को सोसायटी खाते के बजाय कल्चुरी कॉन्ट्रैक्टर्स लिमिटेड में डालकर डायवर्ट किया गया। निर्माण कार्यों के नाम पर भारी ऋण लेना दिखाया गया। कल्चुरी एजुकेशन ट्रस्ट की देनदारियां चुकाने में भी लोन के पैसे का उपयोग किया गया। डॉ रमेश बदलानी को कॉर्पस फंड व लोन प्रविष्टियों के माध्यम से लाभ पहुंचाया। लक्की कंस्ट्रक्शन और स्विफ्ट कंस्ट्रक्शन को अनुचित भुगतान का भी ट्रेल पता चला है। शैल कंपनी वर्धमान एलएनसीटी को भी पैसा देना पाया गया। छात्रवृत्ति को केसीएल खाते में ट्रांसफर कर उपयोग किया। अहिल्या समूह को भूमि खरीदी के नाम पर भुगतान करके भी फंड डायवर्ट किया। अनन्जय फार्मास्यूटिकल्स और संबद्ध इकाइयों को दवाइयों व पुस्तकों की खरीद के नाम पर पैसा दिया गया। कर्मचारियों को पीएफ-ईएसआई में पंजीकृत किए बिना नकद वेतन दिया गया और एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में फर्जी जर्नल एंट्री मिली।
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गबन और फंड डायवर्ट के नमुने
- मई 2025 में कोटक महिंद्रा बैंक से 1 महीने में ₹35 करोड़ नकद निकासी की गई।
- एचके कल्चुरी एजुकेशन ट्रस्ट को लाभ पहुंचाने के लिए 21 दिन में ₹21.90 करोड़ का लोन लेकर एचके ट्रस्ट का लोन चुकाया।
- एलएनसीटी मेिडकल कॉलेज के नाम पर ₹12.15 करोड़ का टर्म लोन भी ट्रस्ट से चुकाया।
- कल्चुरी कान्ट्रैक्टर्स लि में बस/हॉसल फीस के ₹8.22 करोड़ रु सोसायटी खाते में
जमा न कर कंपनी व परिवार के खातों लिया गया।
- डॉ. रमेश बदलानी के लगभग ₹34.28 करोड़ अनसिक्योर्ड लोन को फर्जी तरीके से काॅपर्स फंड दिखाया।
- एलएनसीटी में 50.67 करोड़ रुपये का भुगतान दर्शाया, जबकि वापसी में मात्र ₹14.56 करोड़ दिखाया। ₹85.67 लाख फर्जी जनरल एंट्री मिली।
- वर्धमान एलएनसीटी, पार्थ सूर्यवंशी, विजय सूर्यवंशी को करोड़ों का भुगतान।
- अिहला ग्रुप (जिसके नाम कोई संपित नही है) को ₹3.18 करोड़ देना बताया।
- लक्की कंस्ट्रक्शन को ₹33.46 करोड़ और स्विप्ट कंस्ट्रक्शन को ₹8.75 करोड़ दिया।
- शासन से मिली ₹49.74 लाख (स्कॉलरशिप) कल्चुरी कंस्ट्रक्शन के खाती।
- अपने ही प्रतिष्ठान अंनजय समूह को अवैध भुगतान। दवाइयां ₹1.88 करोड़ अंनजय फार्मा से खरीदी, िकताबे ₹38.42 लाख अंनजय बुक सेल्स से खरीदना बताया।
- आयुष्मान योजना के तहत ₹36.73 लाख फर्जी रिएम्बर्समेंट लिया।
- एलएनसीटी यूिनविसटी में ₹20.17 करोड़ का लोन दिखाया, खर्च मात्र ₹2.5 करोड़।
Created On :   24 Jun 2026 10:41 PM IST














