- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- भोपाल
- /
- दिग्वियज ने वर्ग-2 और 3 में 25-25...
Bhopal News: दिग्वियज ने वर्ग-2 और 3 में 25-25 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को मप्र में शिक्षकों की भर्ती को लेकर सरकार से मांग की है कि प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 के लिए 25-25 हजार (कुल 50 हजार) पदों पर नियुक्तियां की जाना चाहिए। दिग्विजय ने दो दिन पहले भोपाल में प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को समर्थन दिया था और मिले भी थे। उन्होंने राज्य सरकार को चेताया भी है कि शिक्षकों की मांगे 5 सितंबर तक नहीं मानी गई तो वे 24 घंटे की भूख हड़ताल भी करेंगे।
दिग्विजय ने अभ्यर्थियों की समस्याएं, भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियां और मांगों को सुनने के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा। इसमें कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के तहत वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) और वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए। माध्यमिक शिक्षक भर्ती में 14 हजार 200 अतिरिक्त पद और प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 11 हजार 911 अतिरिक्त पद जोड़कर दोनों वर्गों में 25-25 हजार पदों पर भर्ती की जाए।
पद होने के बाद भी भर्ती नहीं करना समझ से परे
दिग्विजय ने पत्र में लिखा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भारी संख्या में शिक्षकों की कमी है। शिक्षक पात्रता एवं चयन परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हजारों योग्य युवा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में स्वीकृत एवं रिक्त पद उपलब्ध होने के बावजूद सीमित संख्या में पदों पर भर्ती करना न तो शिक्षा व्यवस्था के हित में है और न ही पात्र अभ्यर्थियों के साथ न्याय है। पत्र में प्राप्त उल्लेख किया कि वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षकों के 1 लाख 10 हजार 883 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 44 हजार 546 पद खाली बताए गए हैं।
प्राथमिक शिक्षकों के कुल 1 लाख 33 हजार 576 स्वीकृत पद है, जबकि 55 हजार 626 पद खाली है। खाली पदों पर भर्ती कर शिक्षकों की कमी दूर की जा सकती है। उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में भी माध्यमिक शिक्षकों के 43 हजार 734 पद और प्राथमिक शिक्षकों के 54 हजार 625 पद खाली होने का जिक्र किया है। खाली पदों के कारण प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था चरमरा रही है।
1895 स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं
दिग्विजय ने चिंता जाहिर की कि स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में खाली पड़े माध्यमिक शिक्षकों के कुल 88 हजार 280 पद खाली हैं, जबकि प्राथमिक शिक्षकों के कुल 1 लाख 10 हजार 251 पद खाली है। दोनों वर्गों के कुल पद 1 लाख 98 हजार 531 पद शिक्षकाें के खाली है, जो चिंताजनक है। उन्होंने लिखा कि बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाल हैं और राज्य सरकार द्वारा बजट में भी पदों की भर्ती के लिए प्रावधान किए जाने की जानकारी है, तब वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को केवल सीमित पदों तक रखना समझ से परे है। दिग्विजय ने पत्र में सीएजी की रिपोर्ट हवाला देकर चिंता जताई। कहा कि शिक्षा के लिए 7,165 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के बावजूद प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है।
Created On :   29 Aug 2026 12:20 AM IST











