Bhopal News: 2 घंटे मिल रही बिजली, कटौती से किसान और जनता परेशान- कांग्रेस

2 घंटे मिल रही बिजली, कटौती से किसान और जनता परेशान- कांग्रेस
प्रदेश में बिजली उत्पादन प्रभावित होने और बोवनी लेट होने से बिजली की डिमांड बढ़ी है। बिजली की डिमांड को पूरा करने के लिए सरकार ने पंजाब, उत्तर प्रदेश और पंजाब से बिजली मांगी है। इस बीच बिजली की कमी को लेकर प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश में बिजली उत्पादन प्रभावित होने और बोवनी लेट होने से बिजली की डिमांड बढ़ी है। बिजली की डिमांड को पूरा करने के लिए सरकार ने पंजाब, उत्तर प्रदेश और पंजाब से बिजली मांगी है। इस बीच बिजली की कमी को लेकर प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बिजली संकट पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा किसान गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा। खेती और सिंचाई के लिए प्रतिदिन 10 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसानों को मुश्किल से 2 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ऐसे में किसानों को सिंचाई और खेती का काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा।

पटवारी ने कहा कि बिजली संकट का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता भी अघोषित बिजली कटौती से परेशान है। प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में 10-10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रहीं। घरेलू उपभोक्ता भीषण गर्मी और दैनिक जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि समय पर सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिलेगी, तो फसलों की बढ़वार, उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। पहले से ही खेती की बढ़ती लागत और अन्य समस्याओं से जूझ रहे किसानों के लिए बिजली संकट एक अतिरिक्त चुनौती बन गया है।

बिजली की अनियमित आपूर्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को भी बार-बार बिजली कटौती के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किसानों को निर्धारित समय के अनुसार बिजली क्यों नहीं मिल रही है और घरेलू उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती से राहत कब मिलेगी। घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। कटौती की पूर्व सूचना देकर उसके कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

Created On :   18 Oct 2026 2:24 AM IST

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