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राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा: रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में हुआ नौ दिवसीय 'राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा' का भव्य शुभारंभ

- असम, मणिपुर, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, ओड़िशा, तमिलनाडु, आदि दस राज्यों के विद्यार्थी कर रहे हैं भागीदारी
- केंद्रीय हिंदी निदेशालय तथा विश्व रंग, आर.एन.टी.यू., एस.जी.एस.यू., बी.यू . का संयुक्त आयोजन
- हिंदी से संवाद और संस्कृति से साक्षात्कार की अनूठी पहल
भोपाल। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग), भारत सरकार नई दिल्ली, विश्व रंग फाउंडेशन, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय एवं सतत शिक्षा विभाग, बरकत उल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में नौ दिवसीय राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा का आयोजन 13–21 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है। इसमें असम, मणिपुर, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, ओड़िशा, तमिलनाडु, आदि दस हिंदीतरभाषी राज्यों के पचास विद्यार्थी रचनात्मक रूप से भागीदारी कर रहे हैं। छात्र अध्ययन यात्रा का मुख्य संयोजन विश्व रंग फाउंडेशन, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा किया गया है।
उद्घाटन समारोह की विशिष्ट अतिथि हिंदी निदेशालय, भारत सरकार की सहायक निदेशक सुश्री तमन्ना रानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग), भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रति वर्ष हिंदीतरभाषी क्षेत्रों में स्थित विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाओं में हिंदी भाषा एवं साहित्य का अध्ययन कर रहे छात्र/छात्राओं की अध्ययन यात्राएँ आयोजित की जाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक छात्र अध्ययन यात्रा दल को हिंदीभाषी क्षेत्रों में स्थित विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों/स्वैच्छिक हिंदी संस्थाओं में अलग-अलग तीन-तीन स्थानों पर ले जाया जाता है। इन संस्थानों में आपसी सहभागिता पूर्ण रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से हिंदी के विभिन्न पक्षों से उनका परिचय कराया जाता है। हिंदी केन्द्रित इन रचनात्मक गतिविधियों में स्वयं की सहभागिता से वे हिंदी क्षेत्र में बोली जाने वाली हिंदी भाषा एवं उच्चारण का प्रत्यक्ष परिचय प्राप्त कर पाते हैं।
डॉ. संगीता जौहरी, कुलसचिव, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने कला, साहित्य, संस्कृति तथा हिंदी एवं भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के वैश्विक मंच 'विश्व रंग' के माध्यम से विश्व के 70 से अधिक देशों में हिंदी और भारतीय भाषाओं के लिए महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए हैं। हमारे विश्वविद्यालय के सभी उत्कृष्ट केंद्र कला, साहित्य, संस्कृति का कार्य हिंदी भाषा, स्थानीय बोलियों और भारतीय भाषाओं की समृद्धि के प्रति कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रहें है।
इस अवसर पर टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट ने कहा कि वर्तमान में हिंदी का व्यापक प्रचार प्रसार वैश्विक स्तर पर संभव हुआ है। इसमें विश्व रंग, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने महती भूमिका निभाई है। विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव ने जहाँ 70 से अधिक देशों में हिंदी की अलख जगाई है, वहीं विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड जैसे वैश्विक आयोजन में लाखों प्रतिभागियों को हिंदी से जोड़ने का कार्य संपादित किया है। हिंदी में रोजगार की अनंत संभावनाओं के द्वार भी खुले हैं। हिंदी अनुवादकों की मांग में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने हिंदीतरभाषी राज्यों से आये विद्यार्थियों को कहा कि भाषा को आत्मसात करने के लिए शब्द ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण होता है। शब्द ज्ञान ही हमें किसी भी भाषा में समृद्ध बनाता है।
टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक श्री विनय उपाध्याय ने कहा कि भारतीय होने के नाते हिंदी से हमारा संवाद होना नितांत आवश्यक हो जाता है। हिंदी ही वह भाषा है जो हम सभी भारतीयों की संपर्क भाषा के रूप में सेतु का कार्य करती है। हिंदी से संवाद ही भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार का शुभ अवसर प्रदान करता है।
राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा के समन्वयक, विश्व रंग फाउंडेशन के सचिव संजय सिंह राठौर ने स्वागत उद्बोधन के साथ ही इस नौ दिवसीय राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्र अध्ययन यात्रा कार्यक्रम में इन हिंदीतर भाषी राज्यों के विद्यार्थियों को हम हमारे प्रदेश के हिंदी के विद्वानों, कवियों, लेखकों और स्थानीय छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों से विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा जीवंत संपर्क करने का अवसर प्रदान करेंगे। इस छात्र अध्ययन यात्रा कार्यक्रम के दौरान इन्हें ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महत्व के स्थलों का दौरा भी कराएंगे।
विश्व रंग फाउंडेशन के सीईओ विकास अवस्थी ने उद्घाटन समारोह का सफल संचालन करते हुए कहा कि हिंदीतर भाषी विद्यार्थियों के संबंधित अध्ययन विषयों में यह छात्र अध्ययन यात्रा अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी। इसमें भागीदारी कर रहे दस राज्यों के विद्यार्थी रचनात्मक गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी भाषा और साहित्य के विविध पक्षों से रूबरू होंगे।
मानविकी एवं उदार कला संकाय की डीन डॉ. रुचि मिश्रा तिवारी ने भी छात्र अध्ययन यात्रा के विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रदान की। हिंदी केंद्र की संयोजक डॉ. गायत्री राजपूत, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र के संयोजक, डॉ. अरुण पाण्डेय ने आईसेक्ट लर्न एवं उस पर संचालित हिंदी पाठ्यक्रमों के विषय में प्रयोगात्मक रूप से हिंदीतरभाषी राज्यों के विद्यार्थियों को रोचक जानकारी प्रदान की। श्री दिनेश लोहनी ने विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड के विषय में विस्तार पूर्वक प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड–2026 के पोस्टर का लोकार्पण हिंदीतरभाषी राज्यों के विद्यार्थियों एवं अतिथियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ शारदा को पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा का शुभारंभ अतिथियों और हिंदीतरभाषी राज्यों से आए विद्यार्थियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। शुभारंभ अवसर पर हिंदीतरभाषी राज्यों से आए विद्यार्थियों का स्वागत-अभिनंदन फूलमालाओं से किया गया।
छात्र अध्ययन यात्रा के शुभारंभ अवसर पर लोकभाषा, संस्कृति एवं जनजातीय शोध केंद्र तथा संस्कृत प्राच्य भाषा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र की संयोजक डॉ. सावित्री सिंह परिहार, डॉ. संजय दुबे, डॉ. वरुण चौबे, टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के सह-निदेशक, विक्रांत भट्ट, संगीत निर्देशक, चैतन्य भट्ट आदि सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
Created On :   14 July 2026 6:15 PM IST












