MP News: एमपी में 1200 करोड़ के पोषण आहार का काम अब महिला बाल विकास के जिम्मे

एमपी में 1200 करोड़ के पोषण आहार का काम अब महिला बाल विकास के जिम्मे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मंगलवार को कैबिनेट बैठक बुलाई गई। इस दौरान बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मंगलवार को कैबिनेट बैठक बुलाई गई। इस दौरान बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में हुए अहम फैसलों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ियों में वितरित होने वाले टेक होम राशन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया। इसके लिए आजीविका मिशन से वापस लेकर महिला बाल विकास विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, प्रदेश में व्यापारियों की सहूलियत के लिए जीएसटी अपीलीय बोर्ड के गठन और एक्सपोर्ट में इनपुट क्रेडिट सरलीकरण को भी हरी झंडी दी गई है। कैबिनेट 18 जुलाई को जगदीशपुर में होने वाली विशेष बैठक में बहुप्रतीक्षित यूसीसी के मसौदे को भी मंजूरी देगी। इसके बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों से कहा कि वे विधानसभा सत्र के लिए पूरी तैयारी रखें। हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दें, ताकि जनता तक यह संदेश जाए कि सरकार उनके हित में लगातार काम कर रही है।

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी दी

कैबिनेट फैसलों की जानकारी देखे हुए मंत्री काश्यप ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की अनुशंसा पर दो बड़े बदलाव किए गए हैं। मप्र में जीएसटी के लिए अपील का एक अधिकारी होता है, वह जो निर्णय देता है उसमें कई गलतियां या जरूरी विषय छूट जाते थे। अब उसके लिए एक अपीलीय बोर्ड बनाया जाएगा। उसमें कारोबारी अपील कर सकेंगे। वर्तमान में जीएसटी में कारोबारियों को क्रेडिट दिया जाता है। इसके लिए जीएसटी द्वारा पूर्व एग्रीमेंट मांगा जाता था। अभी उसमें सरलीकरण कर एक्सपोर्ट में इनपुट क्रेडिट की 90 प्रतिशत राशि उद्योगपतियों को मिलेगी।

वहीं मंत्री ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ियों के छह माह से तीन साल के बच्चों को टेक होम राशन मिलता है। जिसे वर्तमान में आजीविका मिशन के माध्यम से दिया जा रहा है। अभी सरकार ने निर्णय लिया कि आजीविका मिशन को हटाकर महिला बाल विकास विभाग खुद यह व्यवस्था देखेगा। जिसके तहत स्वयं सहायता समूह भोजन बनाकर सप्लाई करेगा।

आजीविका मिशन की व्यवस्था में कई बार गुणवत्ता, आर्थिक और वितरण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उसे सुधारने के लिए महिला बाल विकास विभाग अलग से नीति बनाएगा। प्रदेश की स्वयं सहायता समूह भोजन बनाकर सप्लाई करेगा। समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द की खरीदी को निरंतरता दी गई है। जिसके लिए राज्य सरकार बैंकों से लोन लेती है, जिसकी गारंटी को निरंतरता दी गई है।

युवा वर्ष 2027 की तैयारी शुरू करेगी सरकार

मंत्री काश्यप ने बताया कि समिति द्वारा यूसीसी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपी गई है। जिसे भोपाल जिले के जगदीशपुर में 18 जुलाई को कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। जहां कैबिनेट के द्वारा यूसीसी को मंजूरी देगी। 20 से 24 जुलाई तक होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पेश किया जाएगा।

कैबिनेट ने कई विभागों की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया। इसमें सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता का प्रस्ताव मंजूर किया गया। वित्त विभाग की विभिन्न योजनाओं को भी 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। सरकार युवा वर्ष 2027 की तैयारी शुरू करेगी। दिसंबर 2026 तक युवाओं और आम लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। सुझावों के आधार पर वर्ष 2027 में युवाओं के हित में नई योजनाएं और फैसले लागू किए जाएंगे। बारिश के मौसम में पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

Created On :   14 July 2026 5:02 PM IST

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