RNTU Engineers Day: RNTU में इंजीनियर्स डे पर नवाचार, उद्यमिता और AI पर हुआ मंथन, विद्यार्थियों को मिली तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा

RNTU में इंजीनियर्स डे पर नवाचार, उद्यमिता और AI पर हुआ मंथन, विद्यार्थियों को मिली तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा
आरएनटीयू में इंजीनियर्स डे पर विद्यार्थियों ने जाना नवाचार और तकनीकी बदलाव का महत्व, पोस्टर के जरिए दिखाया AI और डिजिटल तकनीक का प्रभाव

भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) में इंजीनियर्स डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार, उद्यमशीलता और बदलती तकनीक के साथ आगे बढ़ने के अवसरों से परिचित कराया गया। यह आयोजन मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने आयोजित किया। इस अवसर पर ओरिएंट कागज कन्वर्टर्स के प्रबंध निदेशक मनोज मोदी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने एक इंजीनियर के रूप में सामने आई चुनौतियों और अवसरों को सफलता में बदलने के अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में प्रो-वीसी डॉ. संजीव कुमार गुप्ता और डीन डॉ. विनय कुमार यादव ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने इंजीनियरिंग शिक्षा को व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और समाज की आवश्यकताओं से जोड़ने पर जोर दिया। विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मक सोच और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं, डॉ. टी. रविकिरण और डॉ. रोहित पाठक ने मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST), भोपाल से अनुदान प्राप्त कर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।

इस मौके पर कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी ज्ञान नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। वहीं रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ और आत्मविश्वास विकसित करते हैं।

वहीं, कार्यक्रम में भारत के महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जीवन औरराष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित लघुफिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत “AI and Digital Transformation” विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक के बदलते स्वरूप को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 200 से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।

Created On :   22 Sept 2026 7:58 PM IST

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