Bhopal News: SC में भोपाल की कॉलोनियों पर सुनवाई, कमर्शियल गतिविधियों पर रोक और सीलिंग जारी

SC में भोपाल की कॉलोनियों पर सुनवाई, कमर्शियल गतिविधियों पर रोक और सीलिंग जारी
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (22 सितंबर) को भोपाल में आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुनवाई हुई।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (22 सितंबर) को भोपाल में आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान सबसे पहले कोर्ट ने सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही एमपी सरकार की कमिटी को भंग कर दिया है। यह जानकारी याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने दी है।

सुनवाई के दौरान SC ने जारी किए निर्देश

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि रहवासी इलाकों में किसी प्रकार की कमर्शियल गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही कोर्ट ने बताया कि जिन क्षेत्रों में जमीन का इस्तेमाल साफ नहीं है या मिक्स्ड लैंड का उपयोग है, उन्हें सीलिंग की कार्रवाई से दूर रखें और रहवासी इलाकों में अपनी कार्रवाई जारी रखें।

सरकार ने कोर्ट को क्या बताया?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 'एमिकस क्यूरी' कमिटी के गठन पर सवाल किया था। इस पर एके सिन्हा ने बताया कि यह कमिटी कंटेंप्ट मामले की जांच करती है। जिसको लेकर सरकार के वकील केएन नटराजन ने कोर्ट को बताया कि सरकार से इस मामले में बात हो गई है और कोर्ट को सरकार ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की कमेटी का गठन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही वकील ने बताया कि सीलिंग की कार्रवाई को भी नहीं रोका जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने इसे स्वीकार किया, लेकिन लिखित ऑर्डर की मांग की गई।

इस मामले में कोर्ट ने जताई नाराजगी

एके सिन्हा ने अदालत को बताया कि आज सुबह सुनवाई से पहले भोपाल के लगभग 10 रहवासियों की शिकायतें मिली थीं। जिसमें उन लोगों ने बताया था कि दिन के समय प्रतिष्ठान बंद रहते हैं और शाम के समय खुल जाते हैं। यह काम विशेष तौर पर भोपाल में ही हो रहा है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है।

नए मास्टर प्लान को कोर्ट से मिली हरी झंडी

वकील नटराजन ने कोर्ट को बताया कि भोपाल में 1995 से अभी तक कोई मास्टर प्लान नहीं आया है (2005 में एक्सपायर हुआ था)। उन्होंने कोर्ट से निवेदन करते हुए कहा कि नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सरकार के पास मौजूद है, जिसे अब लागू करना है। इसके बाद कोर्ट ने इस प्लान को हरी झंडी दे दी है, लेकिन कोर्ट की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि नया प्लान लागू होने तक सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी या रुकेगी।

Created On :   22 Sept 2026 7:00 PM IST

Tags

Next Story