बुलढाणा जिले में चार बड़ी घटनाएं: दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान भारतीय सेना के हवलदार के निधन से शोक की लहर

दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान भारतीय सेना के हवलदार के निधन से शोक की लहर
  • भारतीय सेना के हवलदार थे हरिदास मधुकर कापसे
  • हरिदास मधुकर कापसे को वीरगति प्राप्त हुई

Buldana News. उत्तराखंड के अत्यंत ऊंचाई वाले दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान बुलढाणा जिले के सपूत और भारतीय सेना के हवलदार हरिदास मधुकर कापसे को वीरगति प्राप्त हुई। उनके निधन की खबर से शेलसुर गांव समेत चिखली तहसील और पूरे बुलढाणा जिले में शोक की लहर दौड़ गई।

हवलदार हरिदास कापसे मूल रूप से बुलढाणा जिले के शेलसुर गांव के निवासी थे। वर्तमान में उनका परिवार चिखली शहर के दांडे ले-आउट में रहता है। वे भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप की 411 (स्वतंत्र) पैरा फील्ड कंपनी, आगरा में कार्यरत थे। वर्तमान में उनकी तैनाती उत्तराखंड के अत्यंत ऊंचाई वाले सीमावर्ती क्षेत्र में थी।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को ड्यूटी के दौरान कापसे को अचानक जी मिचलाने और उल्टी की शिकायत हुई। तबीयत खराब होने पर वे स्वयं चलकर नजदीकी मेडिकल रूम पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद तबीयत में सुधार महसूस होने पर वे दोबारा ड्यूटी पर लौट गए। कुछ ही समय बाद उन्हें दिल का तेज दौरा पड़ा और वे अचानक गिरकर बेहोश हो गए।

उन्हें तत्काल मेडिकल कक्ष ले जाया गया, जहां सैन्य चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्होंने अंतिम सांस ली। हवलदार कापसे के निधन से उनके परिवार, गांव और जिले में गहरा शोक व्याप्त है।

Created On :   9 Aug 2026 10:04 PM IST

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