Chhindwara News: हर टेबल पर रिश्वत का रेट कार्ड, बिना पैसे कागज भी नहीं सरकता यहां, हैंडओवर के बाद एक साल से अटके फाइनल बिल

हर टेबल पर रिश्वत का रेट कार्ड, बिना पैसे कागज भी नहीं सरकता यहां, हैंडओवर के बाद एक साल से अटके फाइनल बिल
पीएचई विभाग में रिश्वत खोरी की परते उधडऩे लगी है। हताश होकर ठेकेदार लोकायुक्त, ईओडब्लू का दरवाजा खटखटाने लगे हैं। पीएचई के परासिया डिविजन में बीते दो माह में रिश्वतखोरी का यह दूसरा मामला सामने आया है।

Chhindwara News: पीएचई विभाग में रिश्वत खोरी की परते उधडऩे लगी है। हताश होकर ठेकेदार लोकायुक्त, ईओडब्लू का दरवाजा खटखटाने लगे हैं। पीएचई के परासिया डिविजन में बीते दो माह में रिश्वतखोरी का यह दूसरा मामला सामने आया है। जिले में कदम रखते ही परासिया डिविजन में ईई अनूपपुर में ट्रैप हो गए। सूत्रों की माने पीएचई विभाग के हर टेबल पर रिश्वत का रेट कार्ड रखा हुआ है। बिना पैसों के एक कागज भी अपनी जगह से नहीं हिलता है।

गौरतलब है कि जल जीवन मिशन के तहत जिले के ग्रामीण अंचल तक हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाने की वृहद योजना को धरातल पर उतारने वाले अधिकांश अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। बिना सोर्स की योजनाओं के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। सीमित स्टॉफ के कारण आउट सोर्स पर पूरा विभाग निर्भर है। यही वजह है कि हर टेबल पर रखे रिश्वत के रेट कार्ड ने पूरे सिस्टम को खोखला कर दिया है। भ्रष्टाचार की वजह से जहां ठेकेदार गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं अफसर भी नोटों की गर्मी के आगे माथा टेक चुके हैं। मनमाने पैसे नहीं देने पर बिल भुगतान के लिए परेशान किया जाता है। जो रिश्वत देकर भी परेशान हो रहा है वह लोकायुक्त, ईओडब्लू का दरवाजा खटखटा रहा है। खोखले होते जा रहे सिस्टम के कारण ग्रामीण अब भी बूंद-बूंद पानी के लिए सालों से परेशान हो रहे हैं।

दो माह में दूसरी बार ट्रैप

पहला केस: २१ अप्रैल को लोकायुक्त की टीम ने पीएचई के एसई ऑफिस के पास ऑडिटर व बाबू दर्पण मिश्रा को १४ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस मामले में पीडि़त ठेकेदार सौरभ मिश्रा की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया था। शिकायत में पीएचई विभाग से जुड़े अन्य कई चेहरों पर भी उंगली उठाई गई थी। जो कि जांच में शामिल हैं।

दूसरा केस: परासिया डिविजन में पदस्थ रहे ईई रविशंकर वर्मा के तबादले के बाद अनूपपुर में पदस्थ रहे अमित कुमार शाह को परासिया डिविजन में ईई के पद पर पदस्थ किया था। हाल ही में ज्वाइनिंग के बाद वे छुट्टी पर अनूपपुर गए थे। यहां १९ जून को ठेकेदार के अंतिम बिल भुगतान के एवज में ३० हजार की रिश्वत लेते हुए ईओडब्लू ने उन्हें पकड़ा।

इन कमियों से जूझ रहा विभाग

- १२८८ कुल स्वीकृत योजनाएं, ८४८ के कार्य पूर्ण, ५६२ योजनाएं हैंडओवर, फिर भी एक साल से फाइनल बिन नहीं हुए पास।

- बिना सोर्स की योजनाओं के चल रहे निर्माण कार्य, र्सोस के कारण निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी।

- पंचायतों को हैंडओवर हो चुकी योजनाओं के संचालन के लिए पंचायतों के पास फंड नहीं।

- पंचायतों में हैंडओवर हो चुकी स्कीमों के संचालन के लिए कुशल कर्मचारियों की नियुक्तियां नहीं हुई।

- स्वीकृत पदों पर प्रभारी संभाल रहे पदभार, कुशल नेतृत्व क्षमता वाले अफसरों की कमी।

Created On :   20 Jun 2026 5:58 PM IST

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