इंटरनल ट्रांसपोर्टिंग में बड़ा खेल: रास्ते में उतारा जा रहा कोयला, डंपरों से सीधे ट्रैक्टर ट्राली और ऑटो में कर रहे अनलोड, प्रत्येक डंपर से १ से डेढ़ मीट्रिक टन कोयला

रास्ते में उतारा जा रहा कोयला, डंपरों से सीधे ट्रैक्टर ट्राली और ऑटो में कर रहे अनलोड, प्रत्येक डंपर से १ से डेढ़ मीट्रिक टन कोयला
वेकोलि (वेस्टर्न कोल फील्डस लिमिटेड) के पेंचक्षेत्र की विभिन्न खदानों से इंटरनल ट्रांसपोर्टिंग के दौरान रास्ते में कोयला चोरी का बड़ा खेल चल रहा है। खदानों से रेलवे साइडिंग आने वाले डंपरों से रास्ते में बड़ी मात्रा में कोयला उतारकर चुराया जा रहा है।

Chhindwara News: वेकोलि (वेस्टर्न कोल फील्डस लिमिटेड) के पेंचक्षेत्र की विभिन्न खदानों से इंटरनल ट्रांसपोर्टिंग के दौरान रास्ते में कोयला चोरी का बड़ा खेल चल रहा है। खदानों से रेलवे साइडिंग आने वाले डंपरों से रास्ते में बड़ी मात्रा में कोयला उतारकर चुराया जा रहा है। यह कोयला कोल माफिया के माध्यम से ईंट भट्टों में पहुंचता है, कुछ लोग इसे होटलों, ढाबों में सप्लाई करते हैं। कंपनी के तमाम सुरक्षा दावों के बावजूद चिन्हित स्थानों पर कोयला चोरी रूक नहीं रही है।

पेंचक्षेत्र परासिया अंतर्गत ईडीसी साइडिंग और बीजी साइडिंग के माध्यम से क्षेत्र की खदानों का कोयला सारनी पावर प्लांट और खंडवा पावर प्लांट पहुंचता है। यहां से प्रतिदिन एक रैक कोयला ढुलाई होती है। साइडिंग में क्षेत्र की सभी भूमिगत और खुली खदानों से निकला लगभग 80 फीसदी कोयला इंटरनल ट्रांसपोर्टिंग के माध्यम से पहुंचता है।

दीघावानी की हिल टॉप कॉलोनी तिराहा और ढाला तिराहा में रात एक बजे से सुबह 4.30 बजे तक कोल माफिया के लोग डंपरों से कोयला निकालते हैं। फिर ट्रैक्टर ट्राली, जीप, वेन और ऑटो में भरकर यह कोयला बाहर सप्लाई करते हैं। पुलिस थाना रावनवाड़ा अंतर्गत सिद्धबाबा ढाना बायपास मार्ग की दुकानों में भी डंपरों से कोयला निकालकर भेजते हैं। पुलिस थाना परासिया अंतर्गत भगत सिद्ध बाबा तिराहा के बायपास मार्ग की पुलिया पर ड्राइवर से सांठगांठ कर डंपरों से कोयला गिराकर आसपास के घरों-दुकानों में बोरियों में कोयला भरकर छिपाते हैं।

सुरक्षा के तमाम इंतजाम नाकाम साबित

वेकोलि ने लगभग डेढ़ दशक से कोयला, कंपनी की संपत्ति की सुरक्षा करने सीआईएसएफ (सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स) को तैनात किया है। इसके अलावा वेकोलि के सुरक्षा कर्मी भी पदस्थ हैं। खदान पिट, बैरियर और साइडिंग में भी सीसीटीवी कैमरा लगाकर कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की निगरानी होती है। यहां तक इन वाहनों में जीपीएस टैग भी है, जिससे कोयला लेकर खदान से निकलने वाला कोयला साइडिंग में पहुंचने तक निगरानी में रहता है, इसके बावजूद भी डंपरों को रोककर कोयला चुराया जा रहा है।

इनका कहना है-

कोयला चोरी रोकने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। इसके बावजूद भी रास्ते में डंपरों से अवैध रूप से कोयला निकालने का मामला सामने आया है, तो उसकी आवश्यकता अनुसार जांच व कार्रवाई की जाएगी।

- देवानंद वाहने, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी पदेन एपीएम, पेंचक्षेत्र

पालाचौरई से कोल वेस्टेज के परिवहन पर सांसद ने उठाए सवाल, जांच के लिए कोयला मंत्री और सीएमडी को लिखा पत्र

पालाचौरई साइडिंग से शारदा अंडरग्राउंड कोयला खदान तक माइन एक्सट्रॉनियस मटेरियल कोल वेस्टेज के परिवहन में बड़े खेल के आरोपों के बीच भाजपा सांसद बंटी विवेक साहू ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। शिकायत मिलने पर सांसद श्री साहू ने जांच के लिए केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी और वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक व खनिज अधिकारी को पत्र लिखा है। इस मामले के उपलब्ध दस्तावेज, वीडियो एवं अन्य सामग्री जांच में सहयोग के लिए उपलब्ध कराने की बात भी कही। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।

सांसद श्री साहू ने पत्र में उल्लेख किया कि कन्हान क्षेत्र से संबंधित एक मामले में प्रथम दृष्टया कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो टेंडर प्रक्रिया, सामग्री परिवहन और प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। जनहित एवं सार्वजनिक धन के संरक्षण की दृष्टि से इस प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सतर्कता जांच कराया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। उन्होंने वेकोलि (वेस्टर्न कोल फील्डस लिमिटेड) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि एक अधिकारी द्वारा वेस्ट मटेरियल के परिवहन के लिए टीपी जारी होने की बात कही गई, जबकि जिला खनिज अधिकारी द्वारा वेस्ट मटेरियल के लिए टीपी जारी न किए जाने की जानकारी दी गई। इस विरोधाभास की तथ्यात्मक जांच आवश्यक है। स्थानीय नागरिकों द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि मौके से रॉक स्टोन/वेस्ट मटेरियल के स्थान पर कोयले जैसी सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। इस संबंध में परिवहन की गई सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण एवं स्वतंत्र सत्यापन कराया जाना आवश्यक है।.

अनुमति से ५ दिन पहले ही परिवहन क्यों:

सांसद ने पत्र में लिखा है कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी एवं उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के अनुसार संबंधित सामग्री का परिवहन लगभग 25 जून से प्रारंभ होना बताया जा रहा है, जबकि उपलब्ध एलओएल 30 जून की है। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है, तो 25 जून से 29 जून के मध्य परिवहन किस सक्षम प्राधिकारी की अनुमति या किस वैध दस्तावेज़ के आधार पर कराया गया, इसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने उक्त प्रकरण में स्वतंत्र सतर्कता जांच कराकर संबंधित दस्तावेज, अनुमति पत्र, परिवहन अभिलेख, डिस्पैच रिकॉर्ड, टीपी, माप पुस्तिका, लॉग बुक, सीसीटीवी फुटेज व अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कराया जाए।

पूर्व जनपद सदस्य ने जुन्नारदेव एसडीएम से शिकायत

पालाचौरई साइडिंग से वेस्टेज कोल के परिवहन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वेकोलि प्रबंधन पालाचौरई साइडिंग से वेस्टेज कोल शारदा परियोजना में गड्ढों के पुराव और जमीन के समतलीकरण के लिए करवा रही है। साइडिंग बंद हुए तीन साल से अधिक का समय बीत गया, इसके बाद अचानक वेस्टेज के परिवहन के लिए टेंडर निकाला गया और ट्रांसपोर्टिंग भी शुरू हो गई। बंद पालाचौरई साइडिंग से वेस्टेज के नाम पर कोयले का परिवहन किए जाने के गंभीर आरोप पूर्व जनपद सदस्य अंबाड़ा राजेश विश्वकर्मा और निरंजन सिंह ने वेकोलि अधिकारी पर लगाए हंै। उन्होंने एसडीएम जुन्नारदेव को पत्र लिखा है और मामले की जांच किए जाने की मांग की है।

अधिकारियों का दावा, वेस्टेज में नहीं है कोयला:

जुन्नारदेव। वेकोलि सब एरिया मैनेजर नरेंद्र सोनी ने बताया कि पालाचौरई साइडिंग में रखे वेस्टेज का विधिवत परीक्षण कराया जा चुका है। वेस्टेज में कोयला नहीं होने की बात स्पष्ट हो चुकी है। वेस्टेज का सही उपयोग कर चोरी की घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए सारी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद ही वेस्टेज को शारदा भूमिगत खदान में ले जाया गया है। जहां पर वाहनों के निकलने के स्थान पर इस वेस्टेज को डालकर कीचड़ से मुक्ति मिल सकेगी और वाहनों को निकलने में सुविधा होगी।

Created On :   4 July 2026 3:48 PM IST

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