Gadchiroli News: बाघ की दहशत, जर्जर इमारतें और शिक्षकों की कमी, कैसे जगेगी शिक्षा की अलख?

  • ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान में सीजेपी संस्थापक दिपके ने किया सरकारी स्कूलों का पोस्टमार्टम
  • 27 विद्यार्थियों पर सिर्फ 2 शिक्षक, एक कमरे में चल रही चार कक्षाएं
  • जर्जर स्कूल भवन, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं भी सवालों के घेरे में

Gadchiroli News दुर्गम और आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के सरकारी दावों के बीच जिले के एटापल्ली तहसील में स्कूलों की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार, 17 सितंबर को कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजित दिपके ने तहसील के कोसा आलेंगा, कोहका और डुम्मे की जिला परिषद स्कूलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उनके दौरे के दौरान स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर इमारतें और मूलभूत सुविधाओं का अभाव सामने आने का दावा किया गया।

कॉक्रोच जनता पार्टी ने गुरुवार से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का शुभारंभ आदिवासी बहुल गड़चिरोली जिले से किया। अभियान के पहले ही दिन पार्टी के संस्थापक दिपके ने एटापल्ली तहसील के सुदूर गांवों की स्कूलों को भेंट दी। भेंट के दौरान तहसील के कोसा आलेंगा गांव में स्कूल की इमारत मौजूद है, लेकिन वहां शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण गांव की तीन छात्राओं को करीब 2 किमी दूर कोहका स्कूल तक पैदल जाना पड़ रहा है। छात्राओं को जंगल के रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। इस क्षेत्र में बाघ और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। दिपके ने सवाल उठाया कि यदि जंगल के रास्ते स्कूल जाते समय किसी बच्चे के साथ वन्यजीव से जुड़ी घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? कोहका की स्कूल में 27 विद्यार्थियों के लिए केवल 2 शिक्षक होने की बात सामने आई। जगह की कमी के कारण पहली से चौथीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में पढ़ाने की स्थिति सामने आयी।

दिपके के दौरे के मद्देनजर कोसा आलेंगा की बंद स्कूल इमारत की ग्रामसेवकों द्वारा जल्दबाजी में साफ-सफाई किए जाने की जानकारी भी सामने आयी है। उधर डुम्मे की जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में पहली से आठवीं तक 57 विद्यार्थी शिक्षारत है। यहां दो कक्षाएं, दो शिक्षक और एक प्रधानाध्यापक कार्यरत होने की जानकारी सामने आई। स्कूल की जर्जर इमारत को लेकर भी सवाल उठे हंै। दिपके के अनुसार, वर्ष 2023 में इमारत को जर्जर घोषित कर निर्लेखित करने के लिए पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, स्वच्छतागृह की मांग भी करीब दो वर्षों से लंबित होने की बात कही गई।

कक्षाओं में पंखों की सुविधा नहीं होने, जबकि कार्यालय में पंखा उपलब्ध होने की स्थिति भी निरीक्षण के दौरान सामने आने का दावा किया गया है। साथ ही स्कूल की एक और बात चर्चा में रही। दिपके के दौरे से एक दिन पहले ही स्कूल में पेयजल के लिए नल की व्यवस्था की गयी। इस पर दिपके ने सवाल उठाया कि यदि कोई सुविधा एक दिन में उपलब्ध कराई जा सकती है, तो उसके लिए दो साल तक इंतजार क्यों करना पड़ा? स्कूल में पोषण आहार की व्यवस्था संतोषजनक पाए जाने की बात कही गई, हालांकि कर्मचारियों को मिलने वाले मानधन को लेकर सवाल उठाए गए। इस भेंट के दौरान दिपके ने प्रशासन से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, सुरक्षित इमारतें, स्वच्छतागृह, पेयजल और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की है। शुक्रवार, 18 सितंबर को वे भामरागढ़ तहसील की विभिन्न स्कूलाें और आश्रमशालाअों को भेंट देने वाले है।


Created On :   18 Sept 2026 2:43 PM IST

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