Gadchiroli News: बाघ की दहशत से शाम होते ही गांवों में सन्नाटा, खेती-किसानी पर भी पड़ा असर

बाघ की दहशत से शाम होते ही गांवों में सन्नाटा, खेती-किसानी पर भी पड़ा असर
  • ठाकुरनगर और नरेंद्रपुर परिसर में मवेशियों के शिकार की घटनाओं से ग्रामीणों में बढ़ा भय
  • बाघ की दहाड़ गांव तक सुनाई देने से खेतों में जाने से कतरा रहे किसान और मजदूर
  • वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से की मुलाकात, सतर्क रहने और जंगल में न जाने की अपील

Gadchiroli News चामोर्शी तहसील के घोट वन परिक्षेत्र अंतर्गत ठाकुरनगर और नरेंद्रपुर क्षेत्र में बाघ की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। जंगल और आसपास के इलाकों में आए दिन मवेशियों के बाघ का शिकार बनने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं, कई बार बाघ के दहाड़ने की आवाज गांव तक स्पष्ट सुनाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। बाघ की दहशत का सीधा असर अब खरीफ सत्र की खेती पर भी दिखाई देने लगा है। खेत जंगल से सटे होने के कारण किसान और खेतिहर मजदूर दिन में भी खेतों की ओर जाने से कतराने लगे हैं। शाम होते ही ठाकुरनगर, नरेंद्रपुर सहित आसपास के गांवों में सन्नाटा पसर जाता है।

कुछ दिन पहले ठाकुरनगर क्षेत्र के जंगल में मवेशियों को चराने गए किसान गणेश खितीश दास (48) पर इसी बाघ ने अचानक हमला कर दिया था। किसान ने हिम्मत दिखाते हुए बाघ का डटकर सामना किया और उसे वहां से खदेड़ दिया। इससे उसकी जान तो बच गई, लेकिन बाघ के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद से क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। इसके बाद भी बाघ द्वारा मवेशियों का शिकार किए जाने की घटनाएं सामने आने से ग्रामीणों में लगातार भय बना हुआ है।

इस बीच बाघ की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए रविवार शाम घोट वन परिक्षेत्र कार्यालय की टीम ने ठाकुरनगर क्षेत्र के ग्रामीणों से मुलाकात की। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक रूप से जंगल में नहीं जाने की अपील की है। वन विभाग की अपील के बाद भी ग्रामीणों का कहना है कि खेती का मौसम होने के कारण खेतों में जाना उनकी मजबूरी है। ऐसे में बाघ की मौजूदगी से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


Created On :   29 Sept 2026 2:30 PM IST

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