Jabalpur News: बच्चों में खसरे की आहट..अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग

बच्चों में खसरे की आहट..अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग
जबलपुर में बीते 4 माह में सामने आए 2 केस, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में विशेषज्ञों ने कहा- टीकाकरण जरूरी, अभिभावक रोग के लक्षणों पर दें ध्यान

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। पड़ोसी जिलों सतना, दमोह के साथ ग्वालियर में बच्चों के बीच खसरे (मीजल्स) के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने जबलपुर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, जबलपुर में वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे कतई हल्के में नहीं लिया जा सकता। शहर में पिछले चार महीनों के दौरान कुल 40 संदिग्ध सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 2 में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

सतना और दमोह जैसे नजदीकी जिलों में खसरे के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए जबलपुर का स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। चूंकि खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो हवा के जरिए तेजी से फैलता है, इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों और बच्चों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि भले ही हमारे यहां मामले कम हैं लेकिन वायरस के प्रसार की प्रकृति को देखते हुए हमें अगले कुछ महीने बेहद सावधान रहना होगा। खसरा सामान्य बुखार जैसा लग सकता है, लेकिन इसके लक्षण तेजी से गंभीर रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों ने माता-पिता को इन संकेतों पर गौर करने की सलाह दी है।

टीकाकरण में लापरवाही पड़ सकती है भारी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खसरे से लड़ने का एकमात्र और सबसे प्रभावी हथियार टीकाकरण है। शासन द्वारा संचालित नि:शुल्क टीकाकरण अभियान के तहत बच्चों को दो महत्वपूर्ण डोज दिए जाते हैं

पहला डोज

{बच्चे के जन्म के 9वें माह में।

दूसरा डोज

{16वें से 24वें माह के बीच।

यहां होती है अक्सर चूक

अक्सर देखा गया है कि माता-पिता पहला डोज तो लगवा लेते हैं, लेकिन लापरवाही के चलते दूसरे डोज को भूल जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बच्चा दोनों डोज नहीं लेता, उसकी इम्युनिटी अधूरी रहती है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। एक संक्रमित व्यक्ति से 9 लोग संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें।

इन्हें न करें नजरअंदाज

} तेज बुखार के साथ खांसी और बहती नाक।

} आंखों का लाल होना और पानी आना।

} चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर फैलने वाले लाल दाने।

} मुंह के अंदर सफेद धब्बे।

छूट गया दूसरा डोज 5 वर्ष से पहले लगवाएं

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनोद गुप्ता के अनुसार यदि किसी बच्चे का टीकाकरण अधूरा है और उसकी उम्र 5 वर्ष से कम है तो पैरेंट्स तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर बच्चे को नि:शुल्क टीका लगवाएं। सतर्कता और समय पर टीकाकरण ही खसरे की इस संभावित लहर को रोक सकता है। जिला अस्पतालों और प्राथमिक केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी क्षेत्र में एक साथ बुखार और दानों वाले बच्चे मिलते हैं, तो तत्काल उनकी रिपोर्टिंग की जाए। यह समस्या वयस्कों में भी हो सकती है।

माता-पिता बच्चे का टीकाकरण कार्ड संभाल कर रखें और उसमें देखें कि खसरे का टीका लगा है या नहीं। अगर फिर भी काेई समस्या है तो अपने क्षेत्र की आशा या एएनएम को दिखाकर समझ सकते हैं। लक्षण नजर आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। जिले में फिलहाल स्थिति सामान्य है।

डॉ. नवीन कोठारी, सीएमएचओ, जबलपुर

Created On :   14 May 2026 2:39 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story