लातूर जिला: 173 गांवों में पानी के लिए 256 कुओं का अधिग्रहण, औसा में सबसे ज्यादा 51 अधिग्रहित

173 गांवों में पानी के लिए 256 कुओं का अधिग्रहण, औसा में सबसे ज्यादा 51 अधिग्रहित
  • अहमदपुर के 38 गांवों को भी मिलेगा लाभ
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन की व्यवस्था

डिजिटल डेस्क, लातूर। जिले में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में निजी कुओं और बोरवेल का अधिग्रहण किया है। जिले के 173 गांवों और बस्तियों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कुल 256 कुओं और बोरवेल का अधिग्रहण किया गया है। इन जलस्रोतों के माध्यम से ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पानी की जरूरत को देखते हुए विभिन्न तहसीलों में यह व्यवस्था की गई है। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत से राहत देना और जरूरतमंद गांवों तक पानी पहुंचाना है।

औसा में 51, अहमदपुर में 41 कुओं का अधिग्रहण

प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, औसा तहसील में सर्वाधिक 32 गांवों के लिए 51 कुओं का अधिग्रहण किया गया है। अहमदपुर तहसील में 38 गांवों के लिए 41, निलंगा में 25 गांवों के लिए 45, रेणापुर में 21 गांवों के लिए 28 और लातूर तहसील में 13 गांवों के लिए 19 कुएं अधिग्रहित किए गए हैं। इसी तरह देवणी तहसील में 11 गांवों के लिए 24, शिरूर अनंतपाल में 9 गांवों के लिए 24, चाकूर में 17 गांवों के लिए 17 तथा उदगीर तहसील में 7 गांवों के लिए 7 कुओं का अधिग्रहण किया गया है।

पेयजल आपूर्ति पर प्रशासन का जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अधिग्रहित जलस्रोतों के जरिए संबंधित गांवों और बस्तियों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। जलसंकट की स्थिति में ग्रामीणों को राहत देने के लिए इन जलस्रोतों का उपयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Created On :   22 Oct 2026 6:55 PM IST

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