मुंबई: प्रदूषण बढ़ा तो आदित्य ने सरकार को घेरा, कहा - पेड़ काटने और मैदान छीनने सहित मैंग्रोव नष्ट करने के नाम पर हो रहा विकास

प्रदूषण बढ़ा तो आदित्य ने सरकार को घेरा, कहा - पेड़ काटने और मैदान छीनने सहित मैंग्रोव नष्ट करने के नाम पर हो रहा विकास
  • आदित्य ने कहा - प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर राज्य सरकार कुछ नहीं बोलती
  • सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
  • एक्यूआई मापने के लिए ठेकेदार पर खर्च को लेकर सवाल

डिजिटल डेस्क, मुंबई. मुंबई में प्रदूषण की मोटी चादर और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के बेहद खराब स्तर को लेकर शिवसेना (उद्धव) विधायक आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर मुंबई की हवा प्रदूषित हो रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। आदित्य ने कहा कि मुंबई में प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर्यावरण से जुड़े बुनियादी सवालों का समाधान करने के बजाय पेड़ों की कटाई की अनुमति देने, शहरों के खेल मैदानों और खुले स्थानों को खत्म करने तथा विकास के नाम पर मैंग्रोव को नष्ट करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि शहरों में हरित क्षेत्रों और खुले स्थानों का संरक्षण बेहद जरूरी है। इनके कम होने से पर्यावरण पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

एक्यूआई मापने के लिए ठेकेदार पर खर्च को लेकर सवाल

आदित्य ने वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए ठेकेदार के माध्यम से एक्यूआई मापने की व्यवस्था और उस पर खर्च होने वाले करदाताओं के पैसे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार अधिकतम इतना कर सकती है कि एक्यूआई मापने के लिए एक ठेकेदार नियुक्त कर दे, जबकि इस काम पर करदाताओं का भारी पैसा खर्च किया जाता है। आदित्य के बयान ने मुंबई में वायु प्रदूषण और शहरी हरित क्षेत्रों के संरक्षण को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है

Created On :   18 Oct 2026 9:58 PM IST

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