Ahilyanagar News: किसानों की निराशा - घोषणाओं की दिवाली में अंधकार, मुआवजे की आस बरकरार

किसानों की निराशा - घोषणाओं की दिवाली में अंधकार, मुआवजे की आस बरकरार
  • फसलों और खेतों को व्यापक नुकसान हुआ
  • सरकारी आश्वासन — दो दिनों में खाते में मदद राशि
  • किसानों की व्यथा — “सरकार की घोषणाएँ, पर मदद शून्य”

Nevasa News. इस बार की दिवाली नेवासा तहसील के किसानों के लिए रोशनी नहीं, बल्कि अंधकार लेकर आई है। असमय हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण हजारों हेक्टेयर में बोई गई रबी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, हालांकि नुकसान का पंचनामा पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला है। सरकार की घोषणाओं के बावजूद क्रियान्वयन न होने से किसानों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।

फसलों और खेतों को व्यापक नुकसान

अतिवृष्टि से कपास, सोयाबीन, मक्का, तुअर, सब्ज़ियां, चारा, फलों के बाग, यहाँ तक कि खेतों की मिट्टी और कुओं तक को भारी नुकसान पहुंचा है। इस वर्ष नेवासा तहसील में रबी सीजन के दौरान लगभग 95 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई की गई थी, जिसमें से 81 हजार हेक्टेयर क्षेत्र अतिवृष्टि की चपेट में आ गया।लगातार बारिश ने खेतों को तालाबों में बदल दिया, जिससे कपास, सोयाबीन और मक्का जैसी नकदी फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं।

सरकारी आश्वासन — दो दिनों में खाते में मदद राशि

नायब तहसीलदार चांगदेव बोरुडे के मुताबिक नेवासा तहसील में नुकसान झेलने वाले किसानों की सूचियां पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। दो दिनों के भीतर संबंधित किसानों के खातों में सहायता राशि जमा की जाएगी। बागबानी फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर ₹17,000 और बारानी फसलों के लिए ₹8,500 की मदद दी जाएगी।

कृषि विभाग का दावा — रिपोर्ट शासन को सौंपी गई

धनंजय हिरवे, तहसील कृषि अधिकारी ने बताया कि तहसील के लगभग 81 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों का पंचनामा पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

किसानों की व्यथा — “सरकार की घोषणाएँ, पर मदद शून्य”

किसान रामराजे जंगले के मुताबिक मैंने पांच एकड़ ज़मीन में कपास की खेती की थी। बारिश के कारण खड़ी फसल पानी में डूब गई। सरकार ने कई घोषणाएं कीं, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली।


Created On :   20 Oct 2025 7:42 PM IST

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