मंजूरी: महाराष्ट्र स्वयंचलित प्रणाली नीति और स्वतंत्र सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की स्थापना को मंजूरी

महाराष्ट्र स्वयंचलित प्रणाली नीति और स्वतंत्र सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की स्थापना को मंजूरी
  • स्वतंत्र राजशिष्टाचार विभाग भी बनेगा
  • बड़े पैमाने पर हो रहा पुनर्गठन

Mumbai News. राज्य में सूचना एवं जनसंपर्क और राजशिष्टाचार नाम के दो स्वतंत्रविभाग काम करेंगे। मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में फिलहाल सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत काम करने वाले इन दो विभागों को अलग करने की मंजूरी दी गई। सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय अब सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मातहत काम करेगा। सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यों की जानकारी जनता तक अधिक तेज, सटीक और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के साथ ही सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, टीवी और समाचार पत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे शासन और जनता के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे। जनता की शिकायतें, सुझाव और प्रतिक्रियाएं शासन तक शीघ्रता से पहुंच सकेंगी और जनजागरण अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रम अधिक प्रभावी बनेंगे।

स्वतंत्र विभाग बनने से निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी। मीडिया से संबंधित निर्णय भी अधिक शीघ्रता से लिए जा सकेंगे। फिलहाल सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के सात विभागीय कार्यालय हैं। इसके अतिरिक्त उपराजधानी नागपुर में एक निदेशक कार्यालय भी है। देश की राजधानी नई दिल्ली तथा गोवा राज्य के पणजी में स्थित महाराष्ट्र परिचय केंद्रों के माध्यम से भी सरकार के जनसंपर्क संबंधी कार्य किए जाते हैं। राज्य के सभी जिलों में जिला सूचना कार्यालयों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा जनहितकारी कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता और प्रचार-प्रसार का कार्य किया जाता है। महासंचालनालय मुख्यालय तथा उसके सभी क्षेत्रीय कार्यालय आपदा, त्योहारों, आपातकालीन एवं विशेष परिस्थितियों में सरकारी-प्रशासनिक तंत्र, मीडिया और नागरिकों के बीच संपर्क एवं संवाद स्थापित करने का कार्य करते हैं। स्वतंत्र विभाग बनने से निर्णय प्रक्रिया और कार्यप्रणाली में तेजी आने की अपेक्षा है।

बड़े पैमाने पर हो रहा पुनर्गठन

मंत्रालय के विभिन्न विभागों के कार्यों में बेहतर समन्वय लाने के उद्देश्य से पिछली मंत्रिमंडल बैठक में प्रशासनिक विभागों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके अनुसार 33 विभागों का पुनर्गठन कर 45 विभाग बनाने का निर्णय लिया गया था। अब यह संख्या बढ़कर 46 हो गई है।

महाराष्ट्र स्वयंचलित प्रणाली नीति को मंजूरी

राज्य मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र स्वयंचलित प्रणाली नीति-2026 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति से ड्रोन, रोबोट्स और स्वयंचलित वाहन के निर्माण क्षेत्र को गति मिल सकेगी। इस नीति से लगभग 25 हजार करोड़ रुपए के निवेश का अनुमान है। इससे एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकेगा। यह नीति कम से कम पांच साल अथवा नए नीति तय होने तक लागू रहेगी। यह प्रणाली आधारभूत सुविधा व औद्योगिक निरीक्षण, कृषि व पर्यावरण प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा व आपदा प्रतिसाद, लॉजिस्टिक्स व शहरी प्रबंधन क्षेत्र, हवाई, भूपृष्ठीय और जलक्षेत्र में इस्तेमाल की जाएगी। इस नीति को लागू करने के लिए स्थिर पूंजी निवेश, बिजली अनुदान, वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) वापसी, मुद्रांक शुल्क रियायत, पेटंट पंजीयन संबंधित अन्य पात्रता तय करने और निधि वितरण करने के लिए विस्तृत शासनादेश जारी किया जाएगा। आधारभूत सुविधा व औद्योगिक निरीक्षण - पुलों के खंभों की सुरक्षा जांच। समुद्री क्षेत्र का नक्शा व सर्वेक्षण। एक्सप्रेस महामार्ग देखरेख, भू-सर्वेक्षण और बिजली लाइन बिछाने के लिए हवाई सर्वेक्षण।

कृषि व पर्यावरण प्रबंधन - मृदा नमूना संकलन। मत्स्य पालन व जल गुणवत्ता निरीक्षण। फसलों पर छिड़काव व वनक्षेत्र निरीक्षण।

सार्वजनिक सुरक्षा व आपदा प्रतिसाद- नदी व उसके किनारों का निरीक्षण, ड्रोन एम्बुलेंस, चिकित्सा सामग्री वितरण, अग्निशमन सहायता व भीड़ प्रबंधन।

लॉजिस्टिक्स व शहरी प्रबंधन- गोदाम स्वयंचलन व भंडारण की जानकारी रखने। बंदरगाह सुरक्षा व बंदरगाह परिसर में गस्त। औषधि वितरण। जहां पर व्यक्ति पहुंच नहीं सकते हैं वहां पर देखभाल मरम्मत कार्य। हवाई, जमीन और समुद्री क्षेत्र के विभिन्न प्रकार के कामों के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। लगभग पांच हजार रिमोट पायलट का कुशल मानव संसाधन विकसित किया जाएगा। नमो ड्रोन दीदी योजना प्रभावी रूप से लागू की जाएगी। बचत समूह की एक हजार से अधिक महिलाओं को प्रमाणित पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।

Created On :   16 Jun 2026 8:53 PM IST

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