ऑपरेशन टाइगर: उद्धव ठाकरे ने कहा - जिन्हें जाना है, वे खुशी से जाएं, आज का दिन मेरा नहीं, कल जरूर मेरा होगा

उद्धव ठाकरे ने कहा - जिन्हें जाना है, वे खुशी से जाएं, आज का दिन मेरा नहीं, कल जरूर मेरा होगा
  • उद्धव ठाकरे के सांसदों में बगावत की अटकलें
  • दिल्ली में बढ़ी हलचल

Mumbai News. महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने की संभावना जताई जा रही है। शिवसेना (उद्धव) के कुछ सांसदों के नाराज होने की चर्चा के बीच अब पार्टी में संभावित टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद अलग समूह बनाने की तैयारी में हैं और जल्द ही इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंप सकते हैं। इसी बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। उद्धव ने सांसदों की कथित टूट पर कहा कि जिन्हें जाना है, खुशी से जाएं। लेकिन उन्हें एक दिन पछताना पड़ेगा।

सूत्रों के अनुसार उद्धव ठाकरे ने सांसदों की नाराजगी और संभावित बगावत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन्हें जाना है, वे खुशी से जाएं। उनका भला हो। आज का दिन मेरा नहीं है, लेकिन कल जरूर मेरा होगा। जो लोग बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़कर जाएंगे, उन्हें एक दिन जरूर पछताना पड़ेगा। ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी संयम बनाए रखने और परिस्थितियों को सहन करने की अपील की। उनके इस बयान के बाद पार्टी में अंदरूनी असंतोष और टूट की चर्चाओं को और बल मिला है।

सांसदों की बैठक में 5 सांसद रहे नदारद

संभावित टूट की खबरों के बीच उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने सभी सांसदों की बैठक ‘मातोश्री’ में बुलाई थी। हालांकि नौ सांसदों में से केवल चार सांसद ही व्यक्तिगत रूप से बैठक में पहुंचे, जबकि पांच सांसद ऑनलाइन जुड़े। बैठक में मौजूद सांसदों में अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटील और राजाभाऊ वाजे शामिल थे। वहीं संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय जाधव, निलेश पाटील आष्टीकर और ओमराजे निंबालकर ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे। बैठक के बाद सांसद संजय राऊत ने दावा किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और कोई भी सांसद पार्टी छोड़कर नहीं जाएगा। लेकिन अगले ही दिन घटी एक घटना ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी।

केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें

सोमवार को यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय देशमुख ने शिवसेना (शिंदे) के नेता और केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव से दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि देशमुख ने कहा कि यह मुलाकात निजी काम के सिलसिले में हुई थी, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे संभावित राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। खास बात यह है कि संजय देशमुख उन्हीं सांसदों में शामिल थे जो ठाकरे की बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए थे।

दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के कुछ सांसद अलग गुट बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में इसको लेकर लगातार बैठकें और संपर्क जारी हैं। यदि ऐसा होता है तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा सत्ता समीकरण बदल सकता है। मुंबई में भी सोमवार शाम पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे से विधानमंडल के पूर्व प्रधान सचिव अनंत कलसे ने मुलाकात की। खबर है कि शिंदे ने कलसे से कानूनी प्रक्रिया को लेकर बात की। हालांकि शिंदे गुट ने किसी भी ऑपरेशन टाइगर से इनकार किया है। पार्टी के नेता संजय निरुपम ने कहा कि उद्धव ठाकरे का हाल टीएमसी की ममता बनर्जी की तरह होने वाला है। निरुपम ने कहा कि उद्धव का अहंकार उन्हें डुबोने वाला है।

Created On :   15 Jun 2026 10:11 PM IST

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