माहौल गरमाया: सुधीर मुनगंटीवार ने कहा - धर्मांतरण के मामले पर सरकार बुलाए एक दिन का विशेष अधिवेशन

सुधीर मुनगंटीवार ने कहा -  धर्मांतरण के मामले पर सरकार बुलाए एक दिन का विशेष अधिवेशन
  • नागपुर की घटना पर बोले- समाज में असंतोष बढ़ा
  • सरकार कड़ी कार्रवाई करें

Mumbai News. महाराष्ट्र में धर्मांतरण के मुद्दे ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। नागपुर में सामने आई धर्मांतरण की घटना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने मांग की है कि सरकार इस गंभीर विषय पर विधानमंडल का एक दिन का विशेष अधिवेशन बुलाए और सभी दलों के साथ खुली चर्चा करे। मुनगंटीवार ने कहा कि धर्मांतरण केवल किसी व्यक्ति की आस्था बदलने का मामला नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव भी दूरगामी होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई जगहों पर लालच, दबाव और प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, सरकार को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

सरकार से मांगी स्पष्ट नीति

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार को धर्मांतरण के मामलों पर स्पष्ट नीति घोषित करनी चाहिए। उन्होंने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू हैं। विधानमंडल के पिछले बजट सत्र में राज्य में महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 पारित हो गया है लेकिन धर्मांतरण के मुद्दे पर खुली चर्चा करने की जरुरत है। मुनगंटीवार ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया है तो संविधान उसका अधिकार देता है, लेकिन यदि इसमें दबाव, प्रलोभन या धोखाधड़ी शामिल है तो सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर वोट बैंक की राजनीति करते हैं। मुनगंटीवार ने कहा कि जब भी धर्मांतरण का मामला सामने आता है, कुछ दल इसे धार्मिक स्वतंत्रता का नाम देकर असली मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक यदि किसी गरीब, आदिवासी या जरूरतमंद व्यक्ति को लालच देकर धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह सामाजिक शोषण है। ऐसे मामलों पर राजनीति नहीं, बल्कि गंभीर नीति बनाने की जरूरत है।

Created On :   15 Jun 2026 10:06 PM IST

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