अधिवेशन: 22 जून से शुरु होने जा रहा महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र तीन सप्ताह तक चलेगा

22 जून से शुरु होने जा रहा महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र तीन सप्ताह तक चलेगा
  • बीएसी की बैठक में मुख्यमंत्री ने खुद कहा
  • कम दिनों का सत्र चलाने की नहीं थी कोई योजना

Mumbai News. विधानमंडल का आगामी मानसून सत्र 22 जून से 10 जुलाई तक मुंबई में होगा। सोमवार को विधानसभा और विधान परिषद की कामकाज सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस बार भी मानसून सत्र लगभग तीन सप्ताह तक चलेगा। हालांकि विपक्ष बैठक से पहले अंदेशा जता रहा था कि राज्य सरकार इस बार दो सप्ताह का मानसून सत्र कर सकती है। लेकिन बीएसी की बैठक शुरू होते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कर दिया कि हर वर्ष की तरह मानसून सत्र तीन सप्ताह का होगा। विधान भवन में आयोजित बैठक में विधान परिषद के सभापति राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

बैठक के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मानसून सत्र के कामकाज, प्रश्नकाल, विधेयकों की प्रस्तुति, सरकारी कार्यों और विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य में मानसून के दौरान किसानों, बुनियादी ढांचे, जलभराव, महंगाई, बिजली, आरक्षण, कानून-व्यवस्था और विकास परियोजनाओं जैसे मुद्दों पर सदन में जोरदार चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विपक्ष की ओर से लंबे सत्र की मांग की गई थी, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा हो सके। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की कम दिनों का सत्र चलाने की कोई योजना नहीं है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह तय हुआ कि मानसून सत्र पूरे तीन सप्ताह तक संचालित किया जाएगा।

विधानमंडल के इस मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। साथ ही विभिन्न विभागों की अनुपूरक मांगों पर भी चर्चा होगी। राज्य की आर्थिक स्थिति, कृषि संकट और शहरी विकास जैसे विषय सदन के केंद्र में रहने की उम्मीद है। महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर रखने वालों के लिए यह सत्र कई मायनों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सत्ता और विपक्ष के बीच किसानों की कर्जमाफी से लेकर राजनीतिक पार्टियों की तोड़फोड़ पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

Created On :   15 Jun 2026 9:08 PM IST

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