जांच - पड़ताल शुरु: जांच बंद कराने के नाम पर मांगी 40 हजार की रिश्वत, नाशिक के ईएमआरएस स्कूल के दो प्राचार्यों के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला

जांच बंद कराने के नाम पर मांगी 40 हजार की रिश्वत, नाशिक के ईएमआरएस स्कूल के दो प्राचार्यों के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला
  • ईएमआरएस स्कूल के दो प्राचार्यों के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला
  • 40 हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया
  • विभागीय अनुशासनात्मक जांच शुरू हुई

Mumbai News. महाराष्ट्र के नाशिक जिले में विभागीय जांच बंद कराने के नाम पर 40 हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (ईएमआरएस) के दो प्राचार्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने एक कर्मचारी के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक जांच समाप्त कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी।सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में ईएमआरएस शिंदे डिगर के प्राचार्य प्रशांत देविदास सवाले और ईएमआरएस चनकापुर के प्राचार्य दीपक आर. सोनावणे को आरोपी बनाया गया है। दोनों स्कूल नाशिक जिले में संचालित हैं।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता राजत कुमार ईएमआरएस शिंदे डिगर, तहसील सताना, जिला नाशिक में लैब अटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को सीबीआई को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच को बंद कराने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत में कहा गया कि उन्हें पहले शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद विभागीय अनुशासनात्मक जांच शुरू हुई। जांच समिति के समक्ष पेश होने के बाद प्राचार्य प्रशांत सवाले ने उन्हें कहा कि यदि जांच समाप्त करानी है तो दीपक सोनावणे से मिलकर बात करें। शिकायतकर्ता के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 को नाशिक में दीपक सोनावणे से मुलाकात हुई। इस दौरान सोनावणे ने जांच बंद कराने के एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। आरोप यह भी है कि मांगी गई रकम दोनों अधिकारी आपस में बराबर-बराबर बांटने वाले थे।

सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद 21 अप्रैल को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपों का सत्यापन कराया। जांच एजेंसी ने रिकॉर्डेड बातचीत की जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सामने आने का दावा किया गया है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की अवैध मांग की गई थी और विभागीय जांच बंद कराने का भरोसा दिया गया था।

प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर सीबीआई ने दोनों प्राचार्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत नियमित मामला दर्ज किया है।इस मामले की जांच सीबीआई की पुणे एंटी करप्शन ब्रांच को सौंपी गई है। सीबीआई अब विभागीय जांच से जुड़े दस्तावेज, नोटिस, अधिकारियों की भूमिका और ऑडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर आरोपित अधिकारियों से पूछताछ भी की जा सकती है।

दो प्राचार्यों पर रिश्वत मांगने के आरोप और सीबीआई केस दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जाते हैं।ऐसे संस्थानों के जिम्मेदार अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

Created On :   22 April 2026 7:53 PM IST

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