सामाजिक सरोकार से जुड़ा संस्थान: 93 साल से गणेश भक्तों के लाडले है लालबाग चा राजा, देश ही नहीं विदेश में भी है काफी लोकप्रियता - रजब अली तय्यब अली ने दी थी जमीन

93 साल से गणेश भक्तों के लाडले है लालबाग चा राजा, देश ही नहीं विदेश में भी है काफी लोकप्रियता - रजब अली तय्यब अली ने दी थी जमीन
  • प्राकृतिक आपदा, शिक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग
  • करोड़ों का चढ़ावा सामाजिक कार्यों में होता है खर्च
  • रजब अली तय्यब अली ने मंडल को दी थी जमीन

डिजिटल डेस्क, मुंबई. भानु प्रकाश मिश्र. दक्षिण मुंबई, परेल के लालबाग स्थित 'लालबाग चा राजा' देश ही नहीं, विदेश में भी काफी लोकप्रिय हो गए हैं। गणेशोत्सव में लालबाग चा राजा सार्वजनिक मंडल द्वारा स्थापित आकर्षक गणेश प्रतिमा भक्तों के आकर्षण का केंद्र होती है। 93 साल पहले 1934 में लालबाग चा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना चिंचपोकली में स्थानीय कोली समाज द्वारा की गई थी। यहां के गणपति को ‘नवसाचा गणपति’ (इच्छाओं की पूर्ति करने वाला) के रूप में जाना जाता है। 10 दिवसीय गणेशोत्सव में जहां लाखों भक्त बाप्पा का दर्शन करते हैं वहीं करोड़ों का चढ़ावा भी आता है। इसमें से बड़ी राशि प्राकृतिक आपदा समेत अनेक सामाजिक उपक्रमों में खर्च की जाती है। साथ ही शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में जरूरतमंदों के लिए मदद की जाती है। पूर्व पार्षद कुंवरजी जेठाभाई शाह, डॉ. वी. बी कोरगांवकर और स्थानीय निवासियों के प्रयास के बाद, जमीन मालिक रजब अली तय्यब अली ने मंडल के निर्माण के लिए भूखंड देने का फैसला किया था जिस पर आज गणेशोत्सव आयोजित किया जाता है। वर्ष 1932 में लालबाग इलाके की पेरू चाल बाजार बंद हो गया था, जिससे स्थानीय मछुआरों की आजीविका छिन गई। उन्हें सड़क पर सामान बेचने को मजबूर होना पड़ा। तब स्थानीय व्यापारियों और मछुआरों ने भगवान गणेश से स्थायी बाजार के लिए मन्नत मांगी। उनकी यह मनोकामना पूरी हुई और जमीन मालिक रजबअली तय्यब अली ने बाजार निर्माण के लिए भूखंड दे दिया। लालबाग चा राजा की पहली प्रतिमा मिट्टी की 12 सितंबर 1934 को लालबाग के इसी बाजार में स्थापित की गई थी। इसकी ऊंचाई 2 फुट थी। गणपति को मछुआरों की पारंपरिक वेशभूषा पहनाई गई थी। समय के साथ यह पंडाल मुंबई का सबसे बड़ा और प्रमुख आस्था केंद्र बन गया, जहां आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े नेता और मशहूर हस्तियां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हर वर्ष दर्शन पाने के लिए यहां करीब 5 किलोमीटर लंबी कतार लगती है।

'लालबाग चा राजा' के सामाजिक सरोकार

मंडल के अध्यक्ष बालासाहेब सुदाम कांबले ने बताया कि लालबाग चा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल 1934 से समाज और देश के उत्थान के लिए अनेक सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियां चला रहा है। देश में जब भी कोई आपदा आई है, मंडल ने हमेशा सामाजिक कार्यों में अपना योगदान दिया है। 1947 में मंडल ने अपनी शेष राशि कस्तूरबा कोष में और 1959 में बिहार बाढ़ राहत कोष में दान कर दी। मंडल ने 1959 में बिहार में आई बाढ़ और 1962 और 1965 के युद्धों के दौरान राष्ट्रीय कोष में अपना योगदान दिया। 1990 में मंडल ने एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा महाराष्ट्र के कोंकण में स्थित जांभुलपाड़ा के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए स्थापित "कोंकण बाढ़ राहत कोष" में योगदान दिया। यह पहला मंडल है जिसने 1999 में कारगिल में राष्ट्र की गरिमा को बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के परिवारों के लिए "सेना केंद्रीय कल्याण कोष" में 1 लाख रुपये का योगदान दिया। यह राशि महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल डॉ. पी.सी. अलेक्जेंडर को सौंपी गई।

डायलिसिस केंद्र

गरीब और जरूरतमंद किडनी मरीजों के लिए मंडल ने लालबाग, चिवड़ा गली स्थित औद्योगिक परिसर में डायलिसिस केंद्र शुरू किया है। इस केंद्र में डायलिसिस मात्र 100 रुपये में किया जाता है। इसका प्रबंधन उच्च योग्य, अनुभवी और प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्टों की एक टीम द्वारा किया जाता है।


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लोकमान्य तिलक कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान

आज कंप्यूटर का ज्ञान हर किसी के लिए अनिवार्य है। इसीलिए कंप्यूटर साक्षरता बढ़ाने के उद्देश्य से मंडल द्वारा "लोकमान्य तिलक कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान" की स्थापना की गई है। यह संस्थान नाममात्र शुल्क पर ऑफिस ऑटोमेशन, डीटीपी, टैली, टैक्सेशन, ऑटोकैड, सी और सी++ प्रोग्रामिंग आदि के बेसिक कोर्स संचालित करता है। यह कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान एमएस-सीआईटी द्वारा अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र भी है।

निःशुल्क योग केंद्र

मंडल द्वारा महिलाओं के लिए "निःशुल्क योग केंद्र" की शुरुआत की गई थी। 1 जुलाई 2010 से मंडल ने पुरुषों के लिए भी "निःशुल्क योग केंद्र" शुरू कर दिया है। यहां पुरुषों और महिलाओं के लिए नि:शुल्क योग कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें प्रतिदिन अभ्यास सत्र भी शामिल हैं।

लालबागचा राजा प्रबोधिनी

'जनता से प्राप्त दान का उपयोग जनता के हित में करना', इसको ध्यान में रखते हुए मंडल ने पेरू कंपाउंड (लालबाग) में लालबागचा राजा प्रबोधिनी की स्थापना की है, जहां विभिन्न शैक्षिक गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इसमें साने गुरुजी अभ्यासिका, स्वातंत्र्यवीर सावरकर पुस्तकालय, संत ज्ञानेश्वर संदर्भ पुस्तक बैंक, स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षा परामर्श केंद्र एवं मार्गदर्शन कक्षाएं और अंग्रेजी भाषी पाठ्यक्रम का समावेश है। इसका उद्घाटन 20 जून 2009 को हुआ था। पुस्तकालय सोमवार से शनिवार तक सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है।


आईएएस / आईपीएस कार्यशालाएं

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित आईएएस/आईपीएस परीक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मंडल वर्ष 2007 से प्रयासरत है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने तथा इसकी तैयारी के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए मंडल वर्तमान में कार्यरत आईएएस/आईपीएस अधिकारियों की उपस्थिति में आईएएस/आईपीएस सेमिनार आयोजित करता है।

रोजगार प्रकोष्ठ

15 अगस्त 2014 से मंडल ने बेरोजगार युवाओं को देश और विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाशने में मदद करने के लिए रोजगार प्रकोष्ठ का संचालन शुरू किया है। इस रोजगार केंद्र में समाचार पत्र, स्मारिका और ब्रोशर उपलब्ध हैं। साथ ही रोजगार के अवसरों की खोज के लिए 10 कंप्यूटर सेट भी उपलब्ध हैं। केंद्र में ऑनलाइन आवेदन भरने की सुविधा भी है। कई छात्र इस रोजगार केंद्र का लाभ उठा रहे हैं।

त्रैमासिक रक्तदान शिविर

नौसेना के आईएनएचएस अश्विनी ब्लड बैंक ने मंडल को नौसेना के सैनिकों के लिए हर तिमाही में 150 से 200 रक्त बैग एकत्र करने का प्रस्ताव दिया। मंडल ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और 150 से 200 रक्त बैग उपलब्ध कराने के लिए तिमाही रक्तदान शिविर का आयोजन शुरू किया। 17 दिसंबर 2017 से अब तक मंडल ने नौसेना के आईएनएचएस अश्विनी ब्लड बैंक के लिए तिमाही रक्तदान शिविर का आयोजन करता है।वर्तमान में लालबाग चा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की कार्यकारी समिति (2026-27) के अध्यक्ष बालासाहेब सुदाम कांबले, सचिव सुधीर सीताराम साल्वी, कोषाध्यक्ष मंगेश दत्तराम दलवी, उपाध्यक्ष महेश सुरेश जाधव, मछिंद्रनाथ गेनु दिघे, राजेंद्र मधुकर हल्दानकर तथा सागर राधेश्याम गुप्ता के साथ पूरी टीम उत्सव को सफल बनाने में लगी हुई है।

Created On :   9 Sept 2026 8:21 PM IST

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