डिजिटल अपडेट्स: मुंबई मेट्रो वन की पहल! अब वाट्सएप पर ही बन रहा डिजिटल पास, जानिए - नागपुर में सोशल मीडिया पर पिछड़ रही भाजपा

मुंबई मेट्रो वन की पहल! अब वाट्सएप पर ही बन रहा डिजिटल पास, जानिए - नागपुर में सोशल मीडिया पर पिछड़ रही भाजपा
  • मुंबई मेट्रो वन ने देश में पहली बार व्हाट्सएप पर पूरा डिजिटल पास लॉन्च किया
  • नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए पहल
  • नागपुर में सोशल मीडिया पर पिछड़ रही भाजपा

Mumbai News. मुंबई मेट्रो वन ने देश में पहली बार व्हाट्सएप पर पूरा डिजिटल पास लॉन्च किया है। इस सुविधा से मेट्रो का टिकट या पास लेने के लिए कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर के यात्री अब सीधे वाट्सएप से ही ट्रिप पास और स्टोर वैल्यू पास खरीद और इस्तेमाल कर सकेंगे। यह पूरी तरह डिजिटल पास है। जो सीधे वाट्सएप पर मिलेगा और इसे गूगल वॉलेट व एप्पल वॉलेट में भी सेव किया जा सकेगा। एक टैप में स्टेशन पर एंट्री हो जाएगी। इसे वाट्सएप नंबर +91 9670008889 पर प्राप्त किया जा सकता है। सीईओ श्यामंतक चौधरी ने कहा कि मुंबई मेट्रो वन के जो यात्री वाट्सएप टिकटिंग को अपना चुके हैं। डिजिटल पास उसी का अगला कदम है। इससे सुविधा और टिकटिंग से जुड़ी समस्या आसान होगी और बार-बार यात्रियों टिकट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

नागपुर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को रवींद्र चव्हाण की दो टूक, हम सोशल मीडिया पर पिछड़ रहे हैं

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए नागपुर और वर्धा जिले के कुल लगभग 12 लाख शिक्षित स्नातक मतदाताओं में से कम से कम 50 हजार नए मतदाताओं का पंजीकरण कराया जाए। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से और नागरिकों से प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाकर केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और योजनाओं का प्रभावी प्रचार किया जाए, ऐसे निर्देश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नेताओं को दिए हैं। नागपुर दौरे पर हुईं बैठकों में पार्टी के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस मौके पर चव्हाण ने कहा कि पिछले चुनाव में पहली बार भाजपा को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। इस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए चव्हाण ने पूर्व विदर्भ के दौरे के दौरान दो दिनों में छह बैठकें कीं। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ शब्दों में कहा कि हम सोशल मीडिया के क्षेत्र में पीछे हैं, और इस कमी को दूर करने के लिए सभी को गंभीरता से काम करने की जरूरत है। चव्हाण के मुताबिक नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण और वर्धा को मिलाकर कुल आबादी लगभग 70 लाख है। इनमें शिक्षित स्नातकों की संख्या लगभग 12 लाख होने का अनुमान है।


Created On :   16 Aug 2026 8:46 PM IST

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