सुगंधित इलायची विज्ञापन मामला: अभिनेताओं को एफडीए नोटिस पर महाराष्ट्र में सियासत तेज, रोहित पवार बोले- कलाकारों को क्यों, कंपनी मालिक को नोटिस भेजें

अभिनेताओं को एफडीए नोटिस पर महाराष्ट्र में सियासत तेज, रोहित पवार बोले- कलाकारों को क्यों, कंपनी मालिक को नोटिस भेजें
  • सुगंधित इलायची विज्ञापन पर शाहरुख, अजय और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस
  • एफडीए ने 15 दिन में जवाब, विज्ञापन और सोशल मीडिया से प्रमोशनल कंटेंट हटाने का निर्देश
  • अभिनेताओं को देश की चिंता है तो ऐसे एड करने से बचना चाहिए - राम कदम

Mumbai News. पान मसाला के विज्ञापन में नजर आने वाले बॉलीवुड के तीन बड़े अभिनेताओं को महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। एफडीए की कार्रवाई के बाद राकांपा (शरद) विधायक रोहित पवार ने सवाल उठाते हुए कहा कि अभिनेताओं को नोटिस देने के बजाय पान मसाला कंपनी के मालिक को नोटिस भेजा जाना चाहिए। हालांकि भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राम कदम ने कहा है कि फिल्म अभिनेताओं को देश का युवा अनुसरण करना है। ऐसे में उन्हें देश की चिंता है तो ऐसे एड करने से बचना चाहिए। दरअसल एफडीए ने पान मसाला के विज्ञापन में शामिल होने को लेकर अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

रोहित पवार ने एफडीए की कार्रवाई पर उठाए सवाल

रोहित पवार ने अभिनेताओं को नोटिस दिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एफडीए के पास नोटिस जारी करने का अधिकार है तो कंपनी के मालिक को नोटिस क्यों नहीं दिया जाता? उन्होंने कहा कि कलाकारों को नोटिस देने के बजाय उस कंपनी के मालिक से जवाब मांगा जाना चाहिए, जिसके उत्पाद का विज्ञापन किया जा रहा है। रोहित ने सवाल किया कि कलाकारों को नोटिस देकर आखिर विभाग उनसे क्या अपेक्षा कर रहा है? उन्होंने कहा कि कलाकार विज्ञापन में काम करते हैं, लेकिन कंपनी और उसके उत्पाद से जुड़ी जिम्मेदारी कंपनी के मालिक की भी होनी चाहिए।

तुकाराम मुंढे को एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड का प्रमुख बनाएं

रोहित ने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि यदि मुंढे पान मसाले के मामले को इतनी गंभीरता से ले रहे हैं तो उन्हें राज्य के एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड का प्रमुख भी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में मादक पदार्थों से जुड़ी समस्या भी गंभीर है और मुंढे को अगर इस तरह की कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी दी जाती है तो वे ड्रग्स के मामले को भी गंभीरता से ले सकते हैं। रोहित ने एफडीए की कार्यप्रणाली और मीडिया कवरेज को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि मीडिया में सिर्फ एक अधिकारी को ही प्रमुखता दी जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बाकी अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं?

राम कदम ने एफडीए की कार्रवाई का किया समर्थन

वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक राम कदम ने एफडीए की कार्रवाई का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि अभिनेताओं को देश और समाज की चिंता है तो उन्हें इस तरह के विज्ञापनों में काम करने से बचना चाहिए। कदम ने कहा कि पान मसाला और उससे जुड़े उत्पादों के विज्ञापनों का समाज पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में बड़े कलाकारों को अपनी लोकप्रियता और जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए इस तरह के विज्ञापनों से दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने एफडीए की ओर से की जा रही कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि विभाग द्वारा नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है तो उसका समर्थन किया जाना चाहिए।

सुगंधित इलायची विज्ञापन पर शाहरुख, अजय और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सुगंधित इलायची के विज्ञापन को लेकर अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एफडीए का प्रथम दृष्टया आरोप है कि विमल इलायची के नाम और ब्रांड पहचान के जरिए राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पाद का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन किया जा सकता है। एफडीए ने तीनों अभिनेताओं को विज्ञापन में अपनी भागीदारी और प्रचार को लेकर विस्तृत जानकारी देने के साथ 15 दिन के भीतर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन तुरंत बंद करने का निर्देश

कारण बताओ नोटिस में तीनों कलाकारों को विज्ञापन में अपनी भागीदारी और एंडोर्समेंट तुरंत बंद करने को कहा गया है। इसके साथ ही उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट, वेबसाइट और उनके नियंत्रण वाले अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित विज्ञापन एवं प्रमोशनल कंटेंट हटाने या उसका प्रचार-प्रसार रोकने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में यदि 15 दिन के भीतर कलाकारों की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता या दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता तो एफडीए बिना किसी और सूचना के फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत कार्रवाई कर सकता है।

पूरे अभियान का हिसाब मांगा

एफडीए ने अभिनेताओं से यह भी पूछा है कि विज्ञापन में शामिल होने से पहले उन्होंने या उनकी एजेंसी ने किस तरह की जांच-पड़ताल की थी। उनसे उत्पाद, ब्रांड एक्सटेंशन, विज्ञापित वस्तु और उसके स्वरूप से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी गई है। एफडीए ने विज्ञापन से जुड़े एंडोर्समेंट एग्रीमेंट, कैंपेन ब्रीफ, उत्पाद संबंधी जानकारी, भुगतान या प्रचार समझौते तथा संबंधित विज्ञापन एजेंसी और ब्रांड मालिक का विवरण भी मांगा है।

टीवी चैनल से लेकर सोशल मीडिया तक का ब्यौरा मांगा

नोटिस में तीनों अभिनेताओं से उन सभी टीवी चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों की जानकारी देने को कहा गया है, जहां उनकी भागीदारी वाला विज्ञापन प्रसारित या प्रकाशित हुआ। इसी आधार पर एफडीए ने तीनों कलाकारों से यह जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

Created On :   16 Aug 2026 8:35 PM IST

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