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भीखमुक्ति अभियान तेज: एमपी के एंटी बेगिंग कानून का असर, महाराष्ट्र में बढ़े भिखारी - नागपुर में भी चलेगा पुणे पैटर्न

Nagpur News. मध्यप्रदेश में लागू एंटी बेगिंग कानून का असर अब महाराष्ट्र में भी दिखाई देने लगा है। इंदौर और भोपाल में भीख मांगने व भीख देने पर सख्ती के बाद संगठित भिक्षावृत्ति से जुड़े समूहों ने नागपुर और पुणे का रुख किया है। ट्रैफिक सिग्नलों, सड़क किनारों और डिवाइडरों पर भिखारियों की संख्या बढ़ने लगी है। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार पुणे की तर्ज पर नागपुर में भी भीखमुक्ति अभियान तेज करने की तैयारी कर रही है।
यह जानकारी राज्य खाद्य आपूर्ति आयोग के अध्यक्ष महेश ढवले ने शुक्रवार को दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि आयोग राज्यभर में भीखमुक्ति और भूखमुक्ति के उद्देश्य से वंचित समुदाय की समस्याओं का प्रत्यक्ष अध्ययन कर रहा है। भीख मांगने के कारणों की तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि जरूरतमंदों के पुनर्वास और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था की जा सके।
ढवले ने कहा कि पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, गैरकानूनी रूप से आश्रय लेकर भिक्षावृत्ति करने वाले अथवा अन्य सामाजिक समस्याएं पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए सरकार को सिफारिश भी की जाएगी।
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पुणे मॉडल पर होगा काम
ढवले के अनुसार, राज्य सरकार भीख प्रतिबंध को लेकर ठोस कानून लाने की दिशा में काम कर रही है। संभावना है कि विधानमंडल के अगले सत्र में संशोधित कानून पेश किया जाएगा। पुणे में भीखमुक्ति अभियान के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद ली गई है और वहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इसी मॉडल को नागपुर सहित अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभिन्न सर्वेक्षणों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर आयोग सरकार को सुझाव देगा। साथ ही पुनर्वास, सामाजिक सहायता और कानूनी कार्रवाई से जुड़ी बहु-स्तरीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी नियमित समीक्षा की जाएगी।
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वंचितों को मिलेगा 'फिरता राशन कार्ड'
ढवले ने बताया कि पुणे में वंचित वर्ग के 64 नागरिकों को 'फिरता राशन कार्ड' उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे राज्य के किसी भी हिस्से में राशन प्राप्त कर सकते हैं। इसी व्यवस्था को नागपुर में भी प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
आहार योजनाओं की होगी निगरानी
आयोग भूखमुक्ति अभियान के तहत सरकारी पोषण एवं खाद्य योजनाओं की भी निगरानी कर रहा है। आंगनवाड़ी, स्कूलों और आश्रमशालाओं में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। साथ ही बचत समूहों से जुड़े कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य परीक्षण को भी नियमित किए जाने की आवश्यकता बताई गई है। राशन, पोषण, भीख और भूख जैसे मुद्दों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
Created On :   31 July 2026 8:58 PM IST












