Nagpur News: देढ़ दिनों के विसर्जन में 5% पीओपी की मूर्तियां मिलीं, श्रद्धालुओं के साथ धोखा

देढ़ दिनों के विसर्जन में 5% पीओपी की मूर्तियां मिलीं, श्रद्धालुओं के साथ धोखा
  • देढ़ दिन के विसर्जन में 2008 मूर्तियां विसर्जित
  • विक्रेताओं ने श्रद्धालुओं से किया धोखा
  • शहर में 34 स्थानों पर कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई थी

Nagpur News. शहर में गुरुवार देर रात तक देढ़ दिनों की गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। फुटाला तालाब के वायुसेना नगर वाले हिस्से में हुई जांच में 262 प्रतिमाओं में से करीब 70 पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) की मूर्तियां पाई गईं। नगर निगम प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर बताया कि शहर में 34 स्थानों पर कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई थी। यहां कुल 2008 मूर्तियों का विसर्जन हुआ, जिनमें से 1890 मिट्टी की और 118 पीओपी की मूर्तियां थीं। यानी कुल मिलाकर लगभग 5% मूर्तियां पीओपी की पाई गईं।

प्रशासन का कहना है कि प्रतिशत कम है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी ज़्यादा हुई। नियमों के अनुसार पीओपी की मूर्तियों के पिछले हिस्से में लाल निशान होना अनिवार्य था, ताकि पहचान आसानी से हो सके। लेकिन अधिकतर मूर्तियों पर यह निशान नहीं लगाया गया, जिसके कारण भक्तों को यह समझने में मुश्किल हुई कि वे मिट्टी की मूर्ति ले रहे हैं या पीओपी की।

पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव का प्रयास

मनपा ने इस वर्ष पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव के लिए विशेष अभियान चलाया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। स्वयंसेवी संस्थाओं और कॉलेज के छात्रों ने जरूर सहयोग दिया। फुटाला तालाब परिसर में ग्रीन विजिल फाउंडेशन के कौस्तुभ चटर्जी के नेतृत्व में टीम और रामदेवबाबा इंजीनियरिंग कॉलेज के पर्यावरण क्लब के सदस्यों ने विसर्जन कार्य में मदद की।

सहयोग देने वालों में सुरभी जयसवाल, मेहुल कोसुरकर, श्रिया जोगे, शीतल चौधरी, पार्थ जुमड़े, विष्णुदेव यादव, साकार भागवत, आर्यन पराड़कर, आरिशा खान और पियूष छांगानी समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

जनता की जागरूकता ही उपाय

नगर निगम के मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेन्द्र महल्ले ने कहा हाईकोर्ट और राज्य सरकार के निर्देशों के चलते हम पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह सख्ती नहीं कर पाए। मूर्ति विक्रेताओं ने श्रद्धालुओं को धोखा दिया, लेकिन अच्छी बात यह है कि जनता में अब भी पीओपी का विरोध है। अगले वर्ष सभी को संकल्प लेना चाहिए कि केवल पारंपरिक मिट्टी की मूर्तियां ही खरीदी जाएं। जनता की जागरूकता ही पीओपी पर स्थायी रोक लगा सकती है।



जोन

कृत्रिम तालाब संख्या

मिट्‌टी की मूर्तियां

पीओपी की मूर्तियां

कुल

लक्ष्मीनगर

10

779

06

785

धरमपेठ

16

774

89

863

हनुमाननगर

03

007

00

007

धंतोली

02

064

05069

नेहरूनगर

02

266

18

284

सतरंजीपुरा

0100000000

कुल

34

1890

118

2008

खास जानकारियां

  • देढ़ दिन के विसर्जन में 2008 मूर्तियां विसर्जित।
  • इनमें से 1890 मिट्टी की, 118 पीओपी की मूर्तियां मिलीं।
  • श्रद्धालुओं को बिना लाल निशान वाली पीओपी मूर्तियां बेची गईं।
  • ग्रीन विजिल फाउंडेशन और कॉलेज छात्रों ने किया सहयोग।
  • प्रशासन का आह्वान— जनता मिट्टी की मूर्तियां ही अपनाए।

Created On :   29 Aug 2025 6:40 PM IST

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